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पंजाब की पूर्व कांग्रेस सरकार में उद्योग मंत्री रहे सुंदर शाम अरोड़ा को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने रिश्वत मामले में दर्ज एफआईआर और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को रद्द करने की मांग वाली उनकी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि याचिका आधारहीन है और इसमें कोई मेरिट नहीं है। यह है पूरा मामला रिश्वत देते अरेस्ट हुए – पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने सुंदर शाम अरोड़ा को विजिलेंस के (एआईजी) को 50 लाख रुपये की रिश्वत देते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। यह पंजाब में अपनी तरह का नया मामला था। उन पर आरोप था आय से अधिक संपत्ति मामले से अपना नाम निकलवाने के लिए उन्होंने एआईजी को कुल 1 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की थी, जिसकी पहली किश्त देते वक्त वे पकड़े गए। इसके बाद इनकी संपत्ति की जांच हुई थी। हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका खारिज कर दी, जिससे अब उनके खिलाफ ट्रायल कोर्ट में मामला जारी रहेगा। बड़े रियल एस्टेट कारोबारी है सुंदर शाम अरोड़ा राजनीति में आने से पहले होशियारपुर के बड़े रियल एस्टेट कारोबारी रहे। 2002 में कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। 2017 में कांग्रेस सरकार में उद्योग मंत्री बने। 2022 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए, लेकिन 2024 में फिर कांग्रेस में लौट आए। उसी वर्ष विजिलेंस ने उन्हें एआईजी को 50 लाख रुपये रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोप है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले से नाम हटवाने के लिए उन्होंने एक करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की थी। जनवरी 2026 में उनके होशियारपुर स्थित घर पर आयकर विभाग ने करीब 62 घंटे तक छापेमारी भी की थी।
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पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को HC से झटका:रिश्वत केस को रद्द करने वाली याचिका खारिज, पंजाब विजिलेंस ने 50 लाख घूस देते पकड़ा था
