बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी- दूसरी गिरफ्तारी की तैयारी में SIT:पूर्व BKTC कर्मचारी राजेंद्र चौहान पर शिकंजा, 18 पेज की जांच रिपोर्ट भी सौंपी गई




बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अब दूसरी गिरफ्तारी की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व कर्मचारी राजेंद्र चौहान से लगातार पूछताछ की जा रही है और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इधर, बदरी-केदार मंदिर समिति की ओर से गठित चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति ने अपनी 18 पेज की रिपोर्ट समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को सौंप दी है। रिपोर्ट में घटना से जुड़े तथ्यों की समीक्षा करने के साथ चढ़ावा गणना व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव की सिफारिश की गई है। 2 जुलाई को सामने आए इस मामले में समिति के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल पहले ही न्यायिक हिरासत में हैं। सूत्रों के अनुसार, SIT उन्हें 18 या 19 जुलाई को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। वहीं जांच का दायरा बढ़ाते हुए तीन अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है। राजेंद्र चौहान से कई दौर की पूछताछ, गिरफ्तारी के संकेत सूत्रों के अनुसार, पूर्व BKTC कर्मचारी राजेंद्र चौहान पिछले कुछ दिनों से SIT के रडार पर हैं। जांच टीम उनसे लगातार पूछताछ कर रही है और उनके बयानों का मिलान CCTV फुटेज, कर्मचारियों के बयान और अन्य रिकॉर्ड से किया जा रहा है। माना जा रहा है कि पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर SIT उन्हें मामले में आरोपी बना सकती है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक राजेंद्र चौहान की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि जांच जारी है और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। तीन और संदिग्धों से पूछताछ, बाहरी व्यक्ति भी जांच के दायरे में वहीं, आज ही SIT ने बद्रीनाथ थाने में तीन संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो चढ़ावा गणना के दौरान किसी न किसी रूप में मौजूद थे। जांच टीम उनके बयानों का मिलान उपलब्ध दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जेपी कंपनी से जुड़ा एक व्यक्ति भी जांच के दायरे में है। वह बद्रीनाथ धाम में अलकनंदा नदी का जलस्तर मापने के काम से जुड़ा था और यात्रा अवधि में सेवा कार्यों में भी शामिल रहा। बताया जा रहा है कि वह 22 जून, 25 जून, 28 जून और 2 जुलाई को चढ़ावा गणना के दौरान मौजूद था। CCTV फुटेज में उसके सिक्कों की छंटाई करते हुए दिखाई देने का दावा भी जांच एजेंसियों के सामने आया है। SIT अब यह पता लगा रही है कि उसे चढ़ावा कक्ष में प्रवेश किस आधार पर मिला और उसकी भूमिका क्या थी। प्रमोद नौटियाल को रिमांड पर लेने की तैयारी मामले में गिरफ्तार BKTC के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। सूत्रों के अनुसार, SIT 18 या 19 जुलाई को उन्हें पुलिस रिमांड पर लेने के लिए अदालत में आवेदन कर सकती है। यदि रिमांड मिलती है तो जांच टीम प्रमोद नौटियाल से आमने-सामने पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश करेगी कि चढ़ावा गणना के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे, कथित हेराफेरी कैसे हुई और इसमें किसी अन्य कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति की क्या भूमिका रही। 18 पेज की रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर इस बीच, BKTC की चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति ने अपनी 18 पेज की रिपोर्ट समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को सौंप दी है। रिपोर्ट में चढ़ावा कक्ष की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की ड्यूटी व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, CCTV निगरानी और चढ़ावे के रखरखाव की समीक्षा की गई है। समिति ने कर्मचारियों के लिए एक समान ड्रेस कोड, अनिवार्य पहचान पत्र, चढ़ावा कक्ष में नियंत्रित प्रवेश, CCTV निगरानी मजबूत करने, ड्यूटी के स्पष्ट मानक तय करने और चढ़ावे की गणना व रखरखाव की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की सिफारिश की है। समिति का मानना है कि इन सुझावों को लागू करने से भविष्य में इस तरह की घटनाओं की आशंका कम होगी। 2 जुलाई को सामने आया था मामला 2 जुलाई को बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा गणना के दौरान कथित हेराफेरी का मामला सामने आया था। सबसे पहले भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री ने इसकी शिकायत की थी। इसके बाद BKTC ने आंतरिक जांच शुरू की, प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। बाद में पुलिस ने SIT गठित की और शासन ने भी गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई। अब तक इस मामले में कई स्तरों पर जांच जारी है और जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।



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