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बरनाला में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को 10वें दिन भी जारी रही। अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी नगर निगम कार्यालय में एकत्र हुए। तेज गर्मी और उमस के बावजूद उन्होंने रैली निकाली और शहर के विभिन्न बाजारों, सड़कों तथा मोहल्लों में विरोध मार्च किया। इस दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और मुख्यमंत्री का पुतला जलाकर रोष प्रकट किया गया। आंदोलन में महिला सफाई कर्मचारियों की भागीदारी उल्लेखनीय रही। कर्मचारियों पर लाठीचार्ज की निंदा यूनियन नेताओं गुलशन कुमार, मंगत राम, सतपाल, बाबू सिंह खुड्डीकलां, डॉ. राजिंदर पाल और करमजीत सिंह बीहला ने सरकार पर कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने संगरूर में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दबाव या बल प्रयोग से आंदोलन को समाप्त नहीं किया जा सकता। लाखों कर्मी नियमित नियुक्ति से वंचित नेताओं सुखविंदर सिंह ठीकरीवाला, सतनाम सिंह बरनाला, अनिल कुमार और दर्शन चीमा ने बताया कि सफाई कर्मचारी प्रतिदिन जोखिम भरे माहौल में अपनी सेवाएं देते हैं। सीवरेज की सफाई जैसे कार्य बेहद खतरनाक होते हैं, फिर भी अधिकांश कर्मचारी बहुत कम वेतन पर आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की स्पष्ट टिप्पणियों के बावजूद देश और प्रदेश में लाखों सफाई कर्मचारी नियमित नियुक्ति से वंचित हैं। नगर निकायों में ठेका प्रणाली को बढ़ावा यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि निजीकरण की नीतियों के कारण नगर निकायों में ठेका प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है और सरकार कर्मचारियों को नियमित करने के अपने वादे से पीछे हट गई है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से 12 अगस्त को दाना मंडी महल कलां में आयोजित शहीद किरनजीत कौर की 29वीं बरसी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। इस अवसर पर महिला नेताओं बिंदु रानी, आशा रानी, मिट्ठो देवी और मूर्ति देवी ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।
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बरनाला में सफाई कर्मियों ने सीएम का फूंका पुतला:महिलाओं ने विरोध मार्च निकाला, नारेबाजी कर सरकार को जमकर कोसा
