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बालोद में शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो युवकों से 1.82 लाख रुपए की ठगी की है। आरोपी ने एक युवक को प्यून और दूसरे को प्रयोगशाला परिचालक के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। उसने अधिकारियों से पहचान होने का दावा किया था। रकम लेने के बाद आरोपी ने न तो युवकों को नौकरी दिलाई और न ही पैसे वापस किए। शिकायत पर बालोद सिटी कोतवाली पुलिस ने जवाहरपारा निवासी नवीन जोसेफ के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी से पहचान बताकर मांगे 2 लाख रुपए जवाहरपारा वार्ड-11 निवासी पिंकेश निषाद (28) ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसका पड़ोसी है और धमतरी के क्रिश्चियन अस्पताल में काम करता है। शिकायत के मुताबिक 12 जनवरी 2021 को नवीन उसके घर पहुंचा। उसने शिक्षा विभाग में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती की जानकारी दी। साथ ही अधिकारियों से पहचान होने का दावा किया। प्यून की नौकरी लगवाने के बदले उसने 2 लाख रुपए मांगे। पिंकेश ने परिवार की मौजूदगी में 1.30 लाख रुपए नकद दिए। इसके बाद 22 जनवरी को आरोपी के बताए बैंक खाते में 12 हजार रुपए भेजे। अंकसूची समेत मूल दस्तावेज लिए पिंकेश का आरोप है कि नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपी ने उसकी शैक्षणिक अंकसूचियों के साथ जाति, निवास और आय प्रमाण पत्रों की मूल प्रतियां भी ले लीं। इसके बाद नौकरी नहीं लगी। रकम वापस मांगने पर भी आरोपी ने पैसे नहीं लौटाए। दोस्त से प्रयोगशाला परिचालक की नौकरी के नाम पर 40 हजार लिए पिंकेश ने वर्ष 2024 में अपने साथी यीतेन्द्र कुमार (29) को भी आरोपी के बारे में बताया। यीतेन्द्र ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में प्रयोगशाला परिचालक पद के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि नवीन ने उससे भी नौकरी लगवाने के नाम पर 2 लाख रुपए मांगे। शिकायत के मुताबिक 29 फरवरी 2024 को यीतेन्द्र ने फोन-पे से 15 हजार, 10 हजार, 5 हजार और 10 हजार रुपए भेजे। इस तरह उसने कुल 40 हजार रुपए दिए। लेन-देन और दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस दोनों युवकों का आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी ने नौकरी नहीं लगवाई और पैसे भी वापस नहीं किए। शिकायत के मुताबिक पिंकेश से 1.42 लाख और यीतेन्द्र से 40 हजार रुपए लिए गए। बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
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बालोद में पड़ोसी ने 2 युवकों से 1.82 लाख ठगे:प्यून और प्रयोगशाला परिचालक की नौकरी का झांसा दिया, न जॉब लगी, न पैसे मिले
