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हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के राज्यव्यापी आह्वान पर सोमवार को वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में प्राध्यापकों ने सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी प्राध्यापकों ने अपने हाथों और छाती पर काली पट्टियां बांधकर कॉलेज गेट पर एक मीटिंग की और शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। प्राध्यापकों का कहना है कि सरकार के समक्ष बार-बार अपनी मांगें रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे शिक्षक वर्ग में गहरी निराशा और रोष है। गेट मीटिंग के अंत में सभी प्राध्यापकों ने एकजुट होकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्राध्यापकों की प्रमुख मांगें: कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS): सीएएस की अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से जारी किया जाए। पदोन्नति (प्रमोशन): सभी प्रकार की पदोन्नति के मार्ग खोले जाएं और नियुक्ति तिथि से अर्हक सेवा के आधार पर पदोन्नति के लाभ दिए जाएं। भत्ता और एरियर: लंबित महंगाई भत्ते (DA) और एरियर का शीघ्र भुगतान किया जाए। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा है मामला शिक्षक नेताओं ने जोर देकर कहा कि ये मांगें केवल प्राध्यापकों के व्यक्तिगत हित तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सीधे तौर पर प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों के मनोबल और शैक्षणिक संस्थाओं के विकास से जुड़ी हुई हैं। इसलिए सरकार को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द प्राध्यापक संघ के साथ वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए।
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मंडी में टीचर्स ने काली पट्टियां बांधकर किया विरोध:राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के आह्वान पर प्रदर्शन, लंबित मांगे पूरी करने की मांग
