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मुरैना जिले में मानसून का मुख्य समय माने जाने वाला अगस्त इस बार कमजोर रहा, लेकिन सितंबर की शुरुआत से बारिश ने जोर पकड़ लिया है। लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से नदियों में छोड़े जा रहे पानी के कारण चंबल, क्वारी और आसन नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। पगारा और कोलुआ डैम में भी पानी बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। कई गांवों में ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंचने लगा है। लगातार बारिश का असर खेती पर भी पड़ रहा है। कुछ क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से बाजरे की फसल को नुकसान होने की आशंका है। वहीं बढ़े जलस्तर के बीच कुछ लोग नदी-नाले और डैम के आसपास पहुंचकर वीडियो और रील बनाते नजर आ रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ने लोगों को ऐसे जोखिम वाले स्थानों से दूर रहने की चेतावनी दी है। करीब 50 गांव चिन्हित, प्रशासन अलर्ट बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निचले और संभावित प्रभावित क्षेत्रों के करीब 50 गांवों को चिन्हित किया है। इन गांवों में अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी गई है। लोगों से नदी, नाले, डैम और जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए संबंधित टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। बारिश जारी रही तो बढ़ सकती है परेशानी फिलहाल जिले में बारिश का दौर जारी है। यदि आने वाले दिनों में बारिश जारी रही और ऊपरी क्षेत्रों से नदियों में पानी छोड़ा जाता रहा तो नदियों और डैमों का जलस्तर और बढ़ सकता है। इससे निचले इलाकों में जलभराव बढ़ने की संभावना है। 7 सितंबर को 29.4 मिमी औसत बारिश जिले में 1 जून से 7 सितंबर 2026 तक कुल 560.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 915.9 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस लिहाज से इस साल अब तक 355.3 मिलीमीटर कम बारिश हुई है। जिले की सामान्य औसत वार्षिक वर्षा 706.9 मिलीमीटर है। सोमवार 7 सितंबर को जिले में औसतन 29.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सबलगढ़ में सबसे ज्यादा 48 मिमी, पोरसा में 40, मुरैना में 38, जौरा में 32, कैलारस में 10 और अंबाह में 8.3 मिलीमीटर बारिश हुई। जौरा में सबसे ज्यादा, अंबाह में सबसे कम बारिश 1 जून से 7 सितंबर तक तहसीलवार आंकड़ों में जौरा में सबसे ज्यादा 672 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके बाद सबलगढ़ में 645.6, कैलारस में 640, पोरसा में 590.5, मुरैना में 511.8 और अंबाह में सबसे कम 303.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के आंकड़े
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मुरैना में सितंबर में बदला मौसम:चंबल- क्वारी समेत नदियों का बढ़ा जलस्तर; 50 गांव अलर्ट, निचले इलाकों में घरों तक पहुंचा पानी
