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रटकर पढ़ने की जगह अब तार्किक क्षमता विकसित करने पर जोर



भास्कर न्यूज| महासमुंद ग्रामीण अंचलों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी बच्चों के लिए अब संसाधनों का अभाव बाधा नहीं बनेगा। महासमुंद जिला प्रशासन ने एक अत्यंत संवेदनशील और अनूठी पहल करते हुए लक्ष्य महासमुंद अभियान की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के जरिए शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले होनहार नौनिहालों को जवाहर नवोदय, सैनिक स्कूल और प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए अब फ्री यानी निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। प्रायः देखा गया है कि ग्रामीण प्रतिभाएं सही मार्गदर्शन और कोचिंग के भारी-भरकम शुल्क के अभाव में पीछे छूट जाती हैं। निजी कोचिंग संस्थानों की चकाचौंध और फीस के बोझ से दबे गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के सपनों को लक्ष्य महासमुंद उड़ान देगा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की विशेष निगरानी में शुरू हो रहे इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में रटने की प्रवृत्ति को खत्म कर तार्किक क्षमता और ”विषय को गहराई से समझने” की शक्ति विकसित करना है। जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन के अनुसार, यह कार्यक्रम मुख्य रूप से कक्षा 5वीं और 8वीं के उन बच्चों के लिए है जो भविष्य के सपने बुन रहे हैं। जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने बताया कि बच्चों को प्रवेश परीक्षा के पैटर्न के अनुरूप मानसिक योग्यता, गणित, भाषा और सामान्य ज्ञान की गहन तैयारी कराई जाएगी। बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए समय-समय पर मॉक टेस्ट का आयोजन भी होगा, जिससे उन्हें मुख्य परीक्षा के दबाव से निपटने का अभ्यास मिल सके। यह पहल उन हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जो अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने का सपना तो देखते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते लाचार महसूस करते हैं। लक्ष्य महासमुंद अब उनके उन सपनों का सारथी बनेगा। समान अवसर का संकल्प: सीईओ हेमंत नंदनवार ने कहा कि जिले के कोने-कोने में छिपी प्रतिभाओं को तराशना ही प्रशासन का मिशन है। ‘लक्ष्य महासमुंद’ के माध्यम से न केवल बच्चों को सर्वश्रेष्ठ कोचिंग मिलेगी, बल्कि यह अभियान शासकीय स्कूलों के प्रति आमजन का भरोसा भी बढ़ाएगा। इस मौके पर डाइट प्राचार्य अरुण प्रधान, सहायक कार्यक्रम समन्वयक संपा बोस सहित जिले के अनुभवी शिक्षक और मास्टर ट्रेनर्स मौजूद रहे। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासन ने एक मजबूत तंत्र खड़ा किया है। जिला पंचायत सीईओ हेमंत रमेश नंदनवार की उपस्थिति में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 13 जुलाई को डाइट महासमुंद में ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 17 जुलाई को जिले की समस्त प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। कोचिंग कक्षाएं 20 जुलाई से संचालित कर दी जाएंगी।



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