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भोपाल के रहवासी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों पर सोमवार को नगर निगम ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की। 109 संस्थान बंद हुए, पर निगम ने इनमें से सिर्फ 7 पर सील लगाई। बाकी 102 कारोबारियों के खुद लगाए तालों को ही निगम ने ‘बंद’ मान लिया। जिन जगहों पर निगम ने खुद सीलिंग की, वहां भी कार्रवाई में लापरवाही सामने आई। एक महीने में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। पिछली कार्रवाई में भी कई प्रतिष्ठानों पर ताले लगाकर कारोबार बंद कराया गया था, पर अगले ही दिन ताले खुल गए और गतिविधियां फिर शुरू हो गई थीं। इसके बावजूद इस बार 102 प्रतिष्ठानों को उनके खुद के ताले के भरोसे छोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान अरेरा कॉलोनी में हंगामा भी हुआ। आर्य समाज मंदिर के पास दुकानदारों ने निगम पर पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना था कि उनकी दुकानें बंद कराई जा रही हैं, जबकि दूसरे बड़े प्रतिष्ठानों पर वैसी कार्रवाई नहीं हो रही। विरोध बढ़ने पर निगम अमला आगे बढ़ गया। सीलिंग में भी सुविधा… नगर निगम ने ‘दूसरा रास्ता’ छोड़ा सुविधा: बड़े प्रतिष्ठानों के खुद के ताले को ही निगम ने माना बंद, बस छोटों पर सीलिंग रास्ता: पिछली बार के ताले अगले दिन ही खुले, इस बार तो सीलिंग में भी लापरवाही निगम ने सील बताया, यहां बस ताला शाहजहानाबाद : जलसा बैंक्वेट हॉल को निगम ने सील बताया। लेकिन यहां बस नोटिस व ताला है। नोटिस किसको, पता नहीं नोटिस में न दुकान नंबर न मालिक का नाम, बस लिखा है- जो भी संबंधित। सालों से बंद टेंट का गोदाम सील मिसरोद : पुराने टेंट सामान से भरा एक गोदाम सील। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह वर्षों से बंद है। नरेला-मध्य में सबसे ज्यादा सीलिंग, 3 जोन में एक भी सील नहीं लगाई व्यापारी बोले- कर्ज लेकर माल भरा, अब संकट; सीएम से मिलेंगे 21 साल से मास्टर प्लान नहीं आने का खामियाजा भुगत रहे हैं। त्योहारी सीजन में कर्ज लेकर माल भरा, अब दुकानें बंद हो रही हैं। सरकार 29 जून का ड्राफ्ट लागू करे, 2022 की योजना में संशोधन, नियमितीकरण करे। मंगलवार को सीएम को ज्ञापन देंगे।’
-आनंद सोनी, अध्यक्ष, व्यापारी महासंघ निगम ने कहा- पंचनामा भी वैध, ये दोबारा खुले तो कार्रवाई करेंगे खुले मिले संस्थानों को सील किया। जहां संचालक नहीं मिले या हस्ताक्षर से इनकार किया, वहां पंचनामा चस्पा करना वैध तामीली है। ये दोबारा खुले तो कार्रवाई करेंगे। मिसरोद में सील के बावजूद दूसरे रास्ते से कामकाज की जानकारी की जांच करा रहे हैं।’
-संस्कृति जैन, निगमायुक्त, भोपाल नगर निगम सीलिंग के बाद की तस्वीर मुख्य गेट सील, बगल का दरवाजा खुला केपिटल मॉल के सामने पेट्रोल पंप के पीछे भावना ग्लास एंड हार्डवेयर के मुख्य गेट पर निगम की सील थी, पर बगल का दूसरा गेट खुला मिला। कर्मचारी इसी रास्ते से आते-जाते दिखे। भास्कर रिपोर्टर पहुंचा तो अंदर से एक व्यक्ति ने गेट खोलकर बाहर झांका। परिसर के भीतर व्यावसायिक गतिविधि की गुंजाइश साफ दिखी। पड़ताल में मालिक का नाम कृष्णा चौरसिया सामने आया। इसी इलाके में निगम ने ऐसे परिसरों को भी सील किया, जहां मौके पर कोई कारोबार होता नहीं मिला। पास ही 29 अगस्त को श्रीराम पाटीदार के परिसर पर 24 घंटे का अंतिम नोटिस लगाया गया था। अंदर दो गाय बंधी व ट्रैक्टर खड़ा मिला। एक अन्य सील परिसर में गेट से भीतर तक झाड़ उगे थे।
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रहवासी में कारोबार पर कार्रवाई:भोपाल नगर निगम ने सिर्फ 7 प्रतिष्ठान सील किए, 102 के खुद के ताले को माना बंद
