Headlines

रीवा में सरकारी स्कूल के शुद्धिकरण के आरोप:कांग्रेस ने कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन, प्राचार्य बोले- सरस्वती पूजन को अफवाह बनाया जा रहा




रीवा के मैहर जिले के अमरपाटन विकासखंड स्थित शासकीय पीएम श्री उत्तर माध्यमिक विद्यालय करही में प्राचार्य का प्रभार सौंपने के बाद गंगाजल छिड़कने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता कुंवर सिंह पटेल ने इसे जातिगत भेदभाव से जुड़ा मामला बताते हुए रीवा संभाग के कमिश्नर को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, विद्यालय के प्राचार्य ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह शुद्धिकरण नहीं, बल्कि सरस्वती पूजन का कार्यक्रम था। कांग्रेस नेता ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया कुंवर सिंह पटेल अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक और उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस के प्रभारी हैं। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि विद्यालय में पहले पदस्थ प्राचार्य राम शरण वर्मा कोरी समाज से आते हैं और अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल हैं। पत्र में आरोप लगाया गया है कि नए प्राचार्य को प्रभार सौंपने के दौरान कक्षा में गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया गया। कांग्रेस नेता ने इसे सामाजिक समरसता और संविधान की भावना के विपरीत बताते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है। प्राचार्य बोले- सरस्वती पूजन का कार्यक्रम था विवाद पर विद्यालय के प्राचार्य ने शुद्धिकरण के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि विद्यालय में सरस्वती पूजन का कार्यक्रम हुआ था, जिसे कुछ लोग गलत तरीके से शुद्धिकरण से जोड़कर पेश कर रहे हैं। प्राचार्य के मुताबिक, सरस्वती पूजन विद्यालयों की परंपरा का हिस्सा है और इस कार्यक्रम को लेकर भ्रामक जानकारी साझा की जा रही है। कमिश्नर को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग कुंवर सिंह पटेल ने रीवा संभाग के कमिश्नर से मामले में संज्ञान लेकर उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में रीवा के महाराजा विश्वनाथ सिंह का उल्लेख करते हुए वर्ष 1922 में सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में की गई पहल का भी जिक्र किया है। कांग्रेस नेता ने मांग की है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, सरकारी शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव की आशंका रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। फिलहाल, कांग्रेस नेता के आरोप और प्राचार्य के स्पष्टीकरण के बीच मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *