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लखनऊ में एक्स आर्मी मैन पुलिस भर्ती बोर्ड घेरा:पुलिस भर्ती में अवसर न मिलने पर जताई नाराजगी ,गौरव बोले – ऑपरेशन सिंदूर में हिस्सा लिया यूपी सरकार नौकरी नहीं दे रही




‘हम ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रहे हैं उसके लिए हमें प्रशस्ति पत्र भी मिला है। और आज हमें यूपी पुलिस की सिपाही भर्ती में शामिल होने नहीं दिया जा रहा है अधिकारी हमसे बात तक नहीं कर रहे हैं। सब कुछ जानते हुए भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार हमारे साथ बहुत भेदभाव कर रही है। मोदी सरकार कहती है कि हमने देश के लिए बहुत कुछ किया मगर सच यह है कि कुछ नहीं किया अगर किया होता तो यह हालत न होती। आज हम लोग डर-डर की ठोकर खा रहे हैं’। ये कहना था गौरव सिंह भूतपूर्व सैनिक का। लखनऊ में सोमवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड का 300 भूत पूर्व सैनिकों ने घेराव कर दिया। अचानक सैकड़ो की संख्या में सैनिकों के पहुंचने से भर्ती बोर्ड अफरा तफरी मच गई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सभी लोग यूपी पुलिस 2025 आरक्षी भर्ती के अभ्यर्थी हैं। मगर अब उनके साथ अन्याय हो रहा है की परीक्षा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद फिजिकल टेस्ट से पहले एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं हो रहा है। ‘फिजिकल टेस्ट से पहले बाहर किया ’ गौरव सिंग ने बताया कि वाराणसी से लखनऊ अधिकारों कि लड़ाई के लिए आए हैं। हमने सिपाही भर्ती 2025 में फॉर्म भरा लिखित परीक्षा दिया डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुआ मगर अब हम लोगों को फिजिकल टेस्ट के लिए एडमिट कार्ड नहीं दिया जा रहा है। जब फिजिकल टेस्ट का समय करीब आया हमने कार्ड डाउनलोड करने की कोशिश किया तो फेल बताने लगा। यहां अधिकारी मौजूद है मगर हमसे बात नहीं कर रहे हैं। हमने नियमावली को ध्यान में रखकर भर्ती में शामिल हुए थे मगर अब नियमावली को ताख पर रख दिया गया है। ‘हमारी सेवा कि कोई कर नहीं ’ भर्ती में नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। यह योगी सरकार की सूची समझी साजिश है जो पूर्व सैनिकों को नौकरी से दूर करने की कोशिश कर रही है । यह लोग जिस नियम का हवाला दे रहे हैं वह गलत है अगर ऐसा कोई नियम होता तो हमारा फॉर्म ही एक्सेप्ट ना होता, उत्तर प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों के साथ भेदभाव कर रही है। कहा जा रहा है कि हम पेंशनधारी हैं तो हमने जो सेना में रहकर अपनी जवानी कुर्बान किया खून पसीना बहाया उसकी कोई कीमत नहीं है। 16 साल तक हमने भारतीय सेना में सेवा दिया।



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