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लखनऊ मेट्रो के काम ने पकड़ी रफ्तार:ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के निर्माण का जमीनी काम शुरू , 11 किलोमीटर में बनेंगे 12 स्टेशन




लखनऊ में प्रस्तावित चारबाग से वसंतकुंज तक लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (फेज-1बी) के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शनिवार से जमीनी काम शुरू हो गया। एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का जिम्मा संभालने वाली कंपनी ने मूसाबाग क्षेत्र में पाइलिंग के लिए खुदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया है। शुरुआती खुदाई के बाद सबसे पहले मृदा परीक्षण (सॉइल टेस्टिंग) कराया जाएगा। परीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद करीब एक महीने के भीतर पाइलिंग का मुख्य कार्य शुरू होने की संभावना है। 12 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) ने एलिवेटेड सेक्शन को दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाले इस ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की कुल लंबाई 11.165 किलोमीटर होगी। इस रूट पर कुल 12 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें सात भूमिगत और पांच एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं। 5801 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट करीब 5801 करोड़ रुपये की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए डिपो, रोलिंग स्टॉक और स्टेशनों सहित आवश्यक सभी प्रमुख टेंडर जारी किए जा चुके हैं। पांच एलिवेटेड और सात भूमिगत स्टेशनों के निर्माण के लिए अलग-अलग चरणों में टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वसंतकुंज में बनने वाले मेट्रो डिपो, सात प्रवेश लाइनों और रोलिंग स्टॉक से जुड़े कार्यों के लिए भी टेंडर जारी हो चुके हैं। एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण ठेका को अंतिम रूप यूपीएमआरसी ने हाल ही में पांच एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण का ठेका अंतिम रूप देते हुए मेसर्स रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड का चयन किया है। कंपनी को लगभग 384 करोड़ रुपये का सिविल निर्माण कार्य सौंपा गया है। इसके तहत ठाकुरगंज मेट्रो स्टेशन से वसंतकुंज मेट्रो स्टेशन तक करीब 4.6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर और पांच स्टेशनों का डिजाइन एवं निर्माण किया जाएगा। इन रूट पर बनेंगे स्टेशन एलिवेटेड सेक्शन पर ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और वसंतकुंज स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा मुख्य मेट्रो लाइन को डिपो के प्रवेश और निकास मार्ग से जोड़ने के लिए 740 मीटर लंबा रैंप भी बनाया जाएगा। वहीं, सात भूमिगत स्टेशनों के निर्माण के लिए कंपनी का चयन अगस्त तक होने की उम्मीद है, जिसके बाद पूरे कॉरिडोर पर निर्माण गतिविधियां और तेज हो जाएंगी।



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