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देश के वरिष्ठ नागरिक अब सिर्फ तीर्थयात्रा नहीं, लग्जरी, वेलनेस, क्रूज और विदेश यात्राओं पर भी खर्च बढ़ा रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों में सिंगल और कपल ट्रेवल का चलन भी बढ़ रहा है क्योंकि वे स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अनुभव की तलाश में हैं। ट्रैवल कंपनियां इनके लिए अलग पैकेज, मेडिकल सपोर्ट और सीनियर-फ्रेंडली सेवाएं तैयार कर रही हैं। ट्रेवल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक 60 वर्ष से ऊपर के नागरिकों की देश के टूर एंड ट्रैवल मार्केट में करीब 10% हिस्सेदारी है। अब हर 11 वां हॉलीडे पैकेज 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र का भारतीय बुक कर रहा है। मार्केट रिसर्च फर्म आईमार्क की रिपोर्ट के मुताबिक देश के ट्रैवल और टूरिज्म मार्केट का आकार करीब 2 लाख करोड़ रुपए का है। इस लिहाज से देश की सिल्वर टूरिज्म इंडस्ट्री करीब 20 हजार करोड़ रुपए की होती है। 2034 तक इसके दोगुना होकर करीब 40 हजार करोड़ रुपए की होने की उम्मीद है। बढ़ती आबादी के चलते फोकस भी बढ़ा भारत में बुजुर्गों से जुड़ी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। इंडस्ट्री रिपोर्ट (सीआईआई) के अनुसार इसका आकार ₹73,000 करोड़ तक पहुंच चुका है। अभी देश की 9.7% आबादी 60 वर्ष से अधिक है, जो 2036 तक करीब 15% हो जाएगी। लंबी जीवन प्रत्याशा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और बढ़ती डिस्पोजेबल आय ने इस वर्ग को पहले की तुलना में अधिक सक्रिय और यात्रा के लिए तैयार बनाया है। यही कारण है कि ट्रैवल कंपनियां अब इन पर फोकस कर रही हैं। समय भी, पैसा भी इसलिए ट्रैवल एजेंसियों के लिए बने मूल्यवान ग्राहक लग्जरी विला और होमस्टे प्लेटफॉर्म सैफ्रॉनस्टेज के फाउंडर देवेंद्र पारुलेकर के मुताबिक ‘ज्यादातर लोगों के पास या तो समय होता है या पैसा। वरिष्ठ नागरिकों की खासियत है कि उनके पास दोनों होते हैं। अब वे संपत्ति नहीं, यादों में निवेश करना चाहते हैं।’ इस आबादी के पास पैसा है, जिम्मेदारियां कम और सेहत पहले की तुलना में अच्छी है। यही वजह है कि वे लंबी छुट्टियां, प्रीमियम होटल, विला और क्रूज चुन रहे हैं। – मेकमाइट्रिप के अनुसार 60+ यात्री उसके हॉलिडे पैकेज बुकिंग का करीब 9% हिस्सा हैं। ग्रुप ट्रैवल में 20% और लंबी दूरी की यात्राओं में 13% बुकिंग इसी वर्ग की हो रही है। – ट्रांसफॉर्मिंग ट्रैवल्स की फाउंडर चांदनी अग्रवाल बताती हैं कि पहले उनके टूर ग्रुप्स में वरिष्ठ नागरिकों की हिस्सेदारी लगभग 20% होती थी, जो अब करीब दोगुनी हो गई है। प्रति व्यक्ति खर्च में करीब 30% इजाफा हुई है। अब वे धार्मिक यात्राओं में भी लग्जरी विकल्प चुन रहे हैं। वेलनेस, बीच व एडवेंचर ट्रैवल की मांग भी तेजी से बढ़ी है। नई कैटेगरी – कंपनियां भी बदल रही हैं अपनी रणनीति सीनियर ट्रैवल अब अलग बिजनेस कैटेगरी बन चुका है। कई ट्रैवल कंपनियां ऐसी हैं जो सिर्फ सीनियर सिटीजन्स को सेवाएं देती हैं। कंपनियां वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सुरक्षा और गतिशीलता को ध्यान में रखकर विशेष हॉलीडे पैकेज तैयार कर रही हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग समूह यात्राएं, मेडिकल सहायता, व्हीलचेयर सुविधा, स्लो ट्रैवल और छोटे समूहों वाले पैकेज पेश कर रही हैं। इन यात्राओं का उद्देश्य केवल घूमना नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव बढ़ाना और अकेलेपन को कम करना भी है। कई परिवारों में अब दादा-दादी ही छुट्टियों की योजना बना रहे हैं, जिससे मल्टी-जनरेशन वेकेशन का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। पसंद – व्यक्तिगत और अनुभव-आधारित यात्रा – ग्रैंड व्यू रिसर्च के अनुसार भारत में सिल्वर टूरिज्म बाजार 2026 से 2033 के बीच 18.2% की वार्षिक दर से बढ़ने का अनुमान है। – वरिष्ठ नागरिकों के लिए पर्यटन बाजार के रुझान बताते हैं कि वे व्यक्तिगत और अनुभव-आधारित यात्रा की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। – स्पा रिट्रीट, मेडिकल टूरिज्म और फिटनेस-केंद्रित यात्रा अनुभवों सहित वेलनेस टूरिज्म की मांग बढ़ रही है। ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म मोबाइल एप और डिजिटल गाइड जैसी टेक-आधारित सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
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वरिष्ठ नागरिक बढ़ा रहे हैं ‘सिल्वर ट्रैवल इकोनॉमी':अब सिर्फ तीर्थयात्रा नहीं, बुजुर्गों को भा रहा लग्जरी हॉलीडे; 20 हजार करोड़ का हुआ बाजार
