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राजधानी में गणेश प्रतिमा विसर्जन को आसान बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने डिपो चौराहे से प्रेमपुरा घाट मार्ग पर अपनी बैरिकेडिंग को करीब 1 फीट तक अंदर समेट लिया है। इससे झांकियों के ट्रकों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन विसर्जन का रास्ता अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। शहर के प्रमुख विसर्जन घाटों और पहुंच मार्गों पर गड्ढे, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण जैसी गंभीर अड़चनें जस की तस हैं। ट्रैफिक पुलिस ने मैदानी सर्वे के बाद सभी 5 प्रमुख विसर्जन स्थलों के लिए टास्क लिस्ट तैयार कर संबंधित निर्माण एजेंसियों और नगर निगम को भेजी है। इनमें रानी कमलापति घाट, खटलापुरा, प्रेमपुरा, बैरागढ़ और हथाईखेड़ा घाट शामिल हैं। पुलिस ने यह भी बताया है कि यदि समय रहते इन अड़चनों को दूर नहीं किया गया तो हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भारी-भरकम झांकियों का निकलना मुश्किल हो जाएगा। पुलिस ने कहा- समस्याओं को दूर नहीं किया तो भारी-भरकम झांकियों को निकालना मुश्किल होगा प्रेमपुरा : बैरिकेड हटे, गड्ढे बाकी डिपो से भदभदा के बीच मेट्रो बैरिकेड्स एक फीट पीछे होने से सड़क चौड़ी हुई, लेकिन गड्ढे परेशानी बने हैं। प्रेमपुरा घाट पर 800 से ज्यादा बड़ी मूर्तियों के दबाव को देखते हुए पुलिस ने झांकियों के आने और खाली ट्रकों की वापसी के लिए अलग रास्ते का वन-वे सिस्टम बनाया है। अवैध पार्किंग, कब्जे बड़ा सिरदर्द पुराने शहर से कमलापति घाट के रास्ते में गिन्नौरी से आर्च ब्रिज तक कबाड़ और बेतरतीब खड़ी गाड़ियां हटानी होंगी, ताकि 370 से ज्यादा बड़ी प्रतिमाएं आसानी से निकल सकें। आनंद नगर से हथाईखेड़ा मार्ग पर ठेले और अस्थाई कब्जे हटाकर रास्ता चौड़ा करना होगा। 5 विसर्जन घाट: पुलिस ने चिह्नित की अड़चनें, तुरंत सुधार के निर्देश
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विनायक की विदाई:डिपो से भदभदा तक मेट्रो बैरिकेड्स तो 1 फीट पीछे हुए, पर 5 विसर्जन घाटों की राह में बाधाएं अब भी बरकरार
