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शाजापुर शहर के कमरदीपुरा इलाके में गांजा, चरस, अफीम और स्मैक जैसे नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री का आरोप लगा है। मध्य प्रदेश सरकार के ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान के दावों के बीच, इस मामले ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे बड़ी संख्या में इलाके के लोग पुलिस अधीक्षक दफ्तर पहुंचे और एसपी प्रियंका शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर नशे के सौदागरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। वार्ड नंबर 10 कमरदीपुरा के रहने वाले लोगों ने शिकायत में आरोप लगाया कि उनके इलाके में लंबे समय से अवैध नशे का धंधा चल रहा है। जब भी कोई इसका विरोध करता है, तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। लोगों ने यह भी बताया कि आरोपी खुलेआम धौंस जमाते हैं कि उनकी ‘थाने में सेटिंग’ है, इसलिए पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। बढ़ गईं चोरियां, महिलाओं और बच्चियों का निकलना हुआ मुश्किल इलाके के लोगों का कहना है कि नशे की लत की वजह से क्षेत्र के कई युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो चुकी है। नशे के पैसों के लिए इलाके में चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि महिलाओं और बच्चियों का घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। लोगों ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय से भी की गई थी, लेकिन तब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की इसी ढिलाई से नाराज लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। एसपी बोलीं- अवैध धंधा मिला तो करेंगे कार्रवाई एसपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि कमरदीपुरा का क्षेत्र कोतवाली और लालघाटी थाना इलाकों के अंतर्गत आता है। उन्हें स्थानीय निवासियों की तरफ से एक संयुक्त शिकायत मिली है। उन्होंने भरोसा दिया है कि मामले की जांच कराई जा रही है और यदि वहां किसी भी तरह की अवैध गतिविधि चलती पाई गई, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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शाजापुर में लोग बोले- खुलेआम गांजा-चरस बिक रहा:'नशे से दूरी' अभियान के बीच आरोपी कहते- थाने में सेटिंग है, एसपी से कार्रवाई की मांग
