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आज (1 अगस्त) शुक्र सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में आ गया है। अब यह ग्रह 2 सितंबर तक इसी राशि में रहेगा। शुक्र वृषभ और तुला राशि का स्वामी है। कुंडली में शुक्र की स्थिति अच्छी न हो, तो घर-परिवार में सुख-शांति नहीं मिल पाती है। अशुभ शुक्र की वजह से वैवाहिक जीवन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा से जानिए सभी 12 राशियों के लिए शुक्र की स्थिति कैसी रहती है… शुक्र का छठे भाव में है, यह समय आपके लिए स्वास्थ्य और प्रतिस्पर्धियों के प्रति सचेत रहने का है। इस दौरान अनचाहे खर्च बढ़ सकते हैं और कार्यस्थल पर गुप्त शत्रुओं से सावधान रहना होगा। प्रेम संबंध में छोटी-मोटी गलतफहमियां हो सकती हैं, इसलिए बातचीत में मधुरता बनाए रखें। वित्तीय मामलों में उधारी लेनदेन से बचें। शुक्र आपकी राशि का स्वामी है, यह पंचम भाव में रहेगा। यह समय बौद्धिक कार्यों और रचनात्मकता के लिए अच्छा रहेगा, लेकिन प्रेम संबंध में ज्यादा व्यावहारिक होने से बचें। विद्यार्थियों को पढ़ाई में थोड़ा अधिक ध्यान देने की जरूरत होगी। शेयर बाजार या जोखिम भरे निवेश में जल्दबाजी में निर्णय न लें। चौथे भाव में शुक्र का गोचर पारिवारिक जीवन में मिला-जुला असर देगा। घर की साज-सज्जा या गाड़ियों पर खर्च हो सकता है, लेकिन माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलेगा, हालांकि मानसिक शांति बनाए रखने के लिए खुद को चिंताओं से दूर रखें। तीसरे भाव में शुक्र होने से आपके पराक्रम और छोटी यात्राओं के योग बनेंगे। भाई-बहनों और मित्रों के साथ रिश्तों में थोड़ी दूरियां आ सकती हैं, इसलिए संवाद बनाए रखें। रचनात्मक और कलात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा, लेकिन अपनी वाणी में विनम्रता बनाए रखना फायदेमंद रहेगा। शुक्र आपकी राशि से निकलकर दूसरे भाव में आ चुका है, जो धन और कुटुंब का भाव है। आर्थिक मामलों में समझदारी से फैसले लें और बजट बनाकर चलें। परिवार में वाणी के कठोर होने से मनमुटाव हो सकता है। खान-पान में लापरवाही से पेट संबंधित समस्या हो सकती है, इसलिए सेहत का ध्यान रखें। आपकी राशि में शुक्र का नीच गोचर हो रहा है, जिससे आपको अपने व्यक्तित्व, स्वभाव और सेहत पर विशेष ध्यान देना होगा। खुद की या दूसरों की आलोचना करने से बचें, वर्ना रिश्तों में खटास आ सकती है। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बिठाने का प्रयास करें और किसी भी बड़े निवेश से फिलहाल दूर रहें। शुक्र आपकी राशि का स्वामी है, अब यह बारहवें भाव में है। इस दौरान विदेश से जुड़े कार्यों या विदेशी संपर्कों से लाभ हो सकता है, लेकिन सुख-सुविधाओं पर बेतहाशा खर्च बढ़ने की संभावना है। अपनी दिनचर्या और नींद का ध्यान रखें। विलासिता की वस्तुओं पर नियंत्रण रखना वित्तीय संतुलन के लिए आवश्यक है। ग्यारहवें भाव में शुक्र का गोचर आपकी आय और इच्छाओं की पूर्ति के रास्ते खोलेगा, हालांकि उम्मीद से थोड़ा कम लाभ मिल सकता है। सामाजिक दायरे में आपकी सक्रियता बढ़ेगी। दोस्तों के साथ रिश्तों में स्पष्टता रखें। नए व्यावसायिक विचारों पर काम करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह अवश्य लें। दसवें भाव में शुक्र का गोचर होने से कार्यक्षेत्र में आपको अत्यधिक परिश्रम करना पड़ सकता है। सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें और दफ्तर की राजनीति से दूर रहें। उच्च अधिकारियों से बातचीत करते समय संयम बरतें। करियर में सुधार के अवसर मिलेंगे, लेकिन इसके लिए आपको अपनी कार्यशैली में धैर्य शामिल करना होगा। नौवें भाव में शुक्र का गोचर आपके लिए भाग्य और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ाने वाला रहेगा। लंबी दूरी की यात्राओं के योग बन सकते हैं। पिता या वरिष्ठजनों के साथ मतभेद से बचें। उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को थोड़ी अधिक मेहनत करनी होगी। कुल मिलाकर यह गोचर आपके लिए आध्यात्मिक शांति लाएगा। आठवें भाव में शुक्र का जाना लाभ का कारण बन सकता है, लेकिन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह समय थोड़ा संवेदनशील है। वाहन सावधानी से चलाएं और त्वचा या पेट की समस्याओं को नजरअंदाज न करें। जीवनसाथी के साथ पैसों को लेकर पारदर्शी रहें और किसी भी तरह की अनैतिक गतिविधियों से बचें। सातवें भाव में शुक्र का गोचर वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारियों को प्रभावित करेगा। जीवनसाथी के स्वभाव में थोड़ा बदलाव आ सकता है, इसलिए एक-दूसरे को समझने का प्रयास करें। बिजनेस पार्टनरशिप में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। सार्वजनिक जीवन में अपनी छवि का ध्यान रखें और विवादों से दूर रहें।
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शुक्र का राशि परिवर्तन:शुक्र ने कन्या राशि में किया प्रवेश, जानिए सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा इस ग्रह का असर
