![]()
समस्तीपुर के मोहनपुर प्रखंड के डुमरी गांव के पास बख्तियारपुर-ताजपुर निर्माणाधीन फोरलेन के पुल नंबर 11 का एप्रोच पथ गंगा के तेज बहाव के कारण करीब 40 फीट तक धंस गया है। एप्रोच पथ के पुल के दोनों ओर तीन अलग-अलग हिस्सों में मिट्टी बैठ गई है। वहीं, पास की सड़क में भी दरार आ गई है। एप्रोच पथ के धंसने की सूचना मिलते ही निर्माण एजेंसी के अभियंताओं में हड़कंप मच गया। टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत कार्य शुरू करा दिया। एप्रोच पथ के धंसने की सूचना पर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ भी जुट गई। निर्माणाधीन फोरलेन के एप्रोच पथ के इस तरह धंसने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बन रहे बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन की 2 तस्वीरें देखिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का है ड्रीम प्रोजेक्ट जानकारी के अनुसार, बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन का निर्माण लंबे समय से चल रहा है। इसे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट भी बताया जाता रहा है। पिछले 8 दिनों से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण इलाके में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। गंगा का पानी निर्माणाधीन फोरलेन तक पहुंच गया था। इसके बाद बांध बनाकर पानी को रोकने का प्रयास किया गया। इसी दौरान पुल नंबर 11 के दोनों ओर पिलर के पास एप्रोच पथ की मिट्टी तेज बहाव के कारण धंस गई। करीब 40 फीट से अधिक हिस्से में मिट्टी बैठने के साथ ही सड़क के पास भी दरारें आ गई हैं। निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही एप्रोच पथ के धंसने से निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्माण एजेंसी के इंजीनियर ने कहा- नई मिट्टी होने के कारण हुआ धंसाव फोरलेन निर्माण कार्य में जुटे इंजीनियर सत्यवर्त ने बताया कि यहां नया पुल बनाया जा रहा है। निर्माण के बाद पहली बार गंगा का पानी इस क्षेत्र में पहुंचा है। नई मिट्टी होने के कारण उसका धंसना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। इंजीनियर के अनुसार, कटाव को रोक दिया गया है। जिन-जिन हिस्सों में एप्रोच पथ धंसा है, वहां प्रोटेक्शन वर्क कराया जा रहा है। गंगा की तेज धारा के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। फिलहाल मरम्मत का काम चल रहा है। सड़क पर जहां-जहां पानी चढ़ा है, वहां भविष्य में ऐसी परेशानी न हो, इसके लिए भी प्रोटेक्शन वर्क कराया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का है ड्रीम प्रोजेक्ट बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्होंने जून 2011 में इसका शिलान्यास किया था। परियोजना की शुरुआती लागत करीब 1,602.74 करोड़ थी और इसे मई 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन फंड के अभाव के कारण इसका काम बीच में ही रोक दिया गया। दोबारा साल 2022 में 16 अप्रैल को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समस्तीपुर पहुंचे और इस फोरलेन का काम शुरू कराया। प्रोजेक्ट की संशोधित लागत 3,929 करोड़ हो गई। इस सड़क की कुल लंबाई 51.26 किमी है, जिसमें 5.51 किमी गंगा पर मुख्य पुल और करीब 45.75 किमी पहुंच पथ है। ये पटना जिले के करजान के पास NH-31 से शुरू होकर ताजपुर में NH-28 से जोड़ेगा। इस परियोजना पर करीब 80 फीसदी तक कार्य पूरा हो चुका है। ताजपुर–चकलालशाही करीब 16.2 किमी पहुंच पथ पहले ही पूरा हो चुका है। समस्तीपुर में किन इलाकों से गुजरेगी ये फोरलेन समस्तीपुर जिले में ये कॉरिडोर ताजपुर से शुरू होकर चकलालशाही की ओर जाता है और आगे गंगा नदी की तरफ बढ़ता है। ताजपुर, चकलालशाही, मोरवा क्षेत्र, पचभिंडा और हरपुर भिंडी, डुमरी, मोहनपुर समेत 60 से अधिक गांव को जोड़ती है। इस सड़क के बनने से पटना की दूरी करीब 30 किलोमीटर घट जाएगी।
Source link
समस्तीपुर- निर्माणाधीन बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन के पिलर का एप्रोच पथ धंसा:गंगा के पानी के तेज बहाव के कारण हुई घटना, तीन जगह करीब 40 फीट तक बैठी मिट्टी
