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सांसद संजना जाटव की पुलिस से हुई नोकझोंक:घायल मिले युवक की मौत के बाद लोगों का फूटा आक्रोश, 27 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार




डीग जिले के कुम्हेर थाना क्षेत्र के चौकीपुरा गांव में एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत के बाद बवाल हो गया। मृतक के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
बाद में भरतपुर सांसद संजना जाटव ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और शव को लेकर आईजी कार्यालय जाने का प्रयास किया। इस दौरान 3 मांगों पर सहमति बनने के बाद 27 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया जानकारी के अनुसार चौकीपुरा निवासी 40 वर्षीय धर्मवीर पुत्र भंवर सिंह 4 दिन पहले गांव के बाहर घायल अवस्था में मिले थे। उन्हें आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में जयपुर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पीट-पीटकर की गई हत्या है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहले कुम्हेर थाने पर प्रदर्शन किया। सांसद और पुलिस में हुई नोकझोंक
स्थानीय प्रशासन से बात नहीं बनने पर सांसद संजना जाटव मृतक के गांव पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। जब कोई समाधान नहीं निकला, तो सांसद ने शव को ट्रैक्टर में रखकर आईजी कार्यालय ले जाने का प्रयास किया।
इस दौरान रास्ते में सांसद और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, और ग्रामीणों ने ‘प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। एसपी, एसडीएम पहुंचे, 3 मांगों पर बनी सहमति
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीग एसपी और कुम्हेर एसडीएम मौके पर पहुंचे। सांसद और ग्रामीणों से लंबी बातचीत के बाद 3 मांगों पर सहमति बनी। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि हत्यारों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।
सहमति बनने के बाद 27 घंटे‎ बाद शव का दाह संस्कार हो सका। सांसद बोली— मेरे साथ पुलिस ने बदतमीजी की
पूरे मामले को लेकर सांसद संजना जाटव ने बताया कि मुझे सूचना मिली तो मैं भी गांव पहुंच गई, जहां मैने प्रशासन से बात की तो मुझे भी संतुष्ट जवाब नहीं मिला और मजबूरन मुझे धरने पर बैठना पड़ा। जब मैं न्याय के लिए शव को आईजी ऑफिस ले जाने लगी तो पुलिस कर्मी मेरे आगे खड़े हो गए और शव को नहीं ले जाने दिया। इसके बाद मौके पर तनावपूर्ण माहौल हो गया और पुलिस की इस हरकत को देख ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। मेरे और ग्रामीणों के साथ पुलिस प्रशासन के द्वारा बदतमीजी की गई। मुझे मजबूरन कहा गया कि आप मेरे को हथकड़ी लगाए और जेल में डालें।
इसके बाद मौके पर डीग एसपी कांबले गोपीनाथ शरण और एसडीएम श्रेष्ठा कुमारी पहुंचे, जिन्होंने तीनों मांगों पर सहमति जताते हुए आश्वासन दिया। एसपी बोले— मांगों पर सहमति बनने के बाद हंगामा हुआ खत्म
इधर एसपी कांबले गोपीनाथ शरण ने बताया कि हंगामे की सूचना मिलने के बाद मैं मौके पर पहुंचा और आश्वासन दिया कि जो मांगे है, उन पर कार्रवाई की जाएगी और जो दोषी हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मांगों पर सहमति बनने के बाद हंगामा खत्म हो गया। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। एएसपी अखिलेश कुमार शर्मा ने कहा कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक तूल देना चाह रहे है। पुलिस बार-बार पीड़ित परिवार को आश्वासन दे रही थी जो दोषी होंगे उन्हें नहीं बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है।



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