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भदोही में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चोरी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के करीब 21 साल पुराने मामले में कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार सिंह ने सभी दोषियों को जेल में बिताई गई अवधि के साथ न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। इसके अलावा प्रत्येक दोषी पर 1500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर 30 दिन की साधारण जेल काटनी होगी। यह मामला 19 अप्रैल 2005 का है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पांच लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और उसकी फसल काटकर उठा ले जाने की कोशिश की। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई करने पर भी आरोपियों की ओर से जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामले में ज्ञानपुर थाने में धारा 379, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 19 अप्रैल 2005 को दर्ज हुआ था मामला शिकायत के आधार पर ज्ञानपुर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 379 (चोरी), 504 (गाली-गलौज) और 506 (जान से मारने की धमकी) के तहत केस दर्ज किया गया था। मामला न्यायालय में चला, जहां अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर पैरवी की गई। इन पांच लोगों को कोर्ट ने दोषी माना अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार सिंह ने महेंद्र पुत्र मुन्नीलाल, किशुनलाल पुत्र राजपति, फूलचंद पुत्र सूर्यबली, पंचलाल पुत्र सूर्यबली और राजकुमार पुत्र राजपति, सभी निवासी चककौलपति, थाना ज्ञानपुर, भदोही को दोषी पाया। जेल में बिताई अवधि और कोर्ट उठने तक की सजा कोर्ट ने पांचों दोषियों को संबंधित धाराओं में जेल में बिताई गई अवधि और न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 1500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषियों को 30 दिन की साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई प्रभावी पैरवी पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देशन में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित मामलों में दोषियों को त्वरित और प्रभावी सजा दिलाने के लिए पैरवी की जा रही है। इस मामले में स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष के एपीओ वीरेंद्र वर्मा की प्रभावी पैरवी के बाद कोर्ट का फैसला आया।
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21 साल पुराने चोरी और धमकी के मामले में 5-दोषी:भदोही कोर्ट ने जुर्माने के साथ सुनाई सजा, हर एक पर 1500 रुपए जुर्माना
