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‘चार साल पहले मेरे बेटे को अगवा किया था। अब मेरे पोते की हत्या कर दी गई। पोते की पढ़ाई-लिखाई, खाने-पीने की जिम्मेदारी मेरी ही थी। घर की स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए पोते के माता-पिता साथ मिलकर पुणे में मजदूरी करते हैं। जब वे आएंगे, तो मैं अपने बेटे-बहू को क्या मुंह दिखाऊंगी।’ बेगूसराय के बरौनी दरगाह मोहल्ला की रहने वाली 62 साल की आसमा खातून ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। दरअसल, 19 अगस्त यानी बुधवार की देर शाम करीब 8 बजे फुलवरिया थाना क्षेत्र में ताड़ीखाना के पास आसमा के 12 साल के पोते दिलशाद की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना ही जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद तेघड़ा डीएसपी और फुलवारिया थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर सड़क जाम खत्म कराया। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी कर रही है। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला दिलशाद की दादी आसमा खातून ने बताया कि चार साल पहले निपनिया सूरज नगर के रहने वाले चिप्पू सिंह समेत चार लोगों ने मेरे चौथे बेटे कुद्दुस को किडनैप किया था। इस मामले में चिप्पू सिंह समेत सभी चारों आरोपी जेल भी गए थे। जेल से बाहर आने के बाद दिलशाद के पिता कैशर को फोन कर बर्बाद करने की धमकी दी थी। कुद्दुस का तो आज तक कुछ पता नहीं चल पाया है, वो जिंदा भी है, या उसकी हत्या हो गई है, हमें कुछ नहीं पता है। बुधवार को तीन-चार बजे मैं घर पर बैठी थी। 7 से 8 बजे के बीच मैं खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान शोर मचा कि दिलशाद को मार दिया है। आसमा ने बताया कि किसी ने ताड़ीखाना और रेलवे लाइन की बीच में दिलशाद की पिटाई की। इस दौरान उसके दोनों हाथ, पैर और गर्दन तोड़ दिए। उसके पूरे शरीर पर मारपीट के निशान थे। दिलशाद को लोगों ने उठा कर मेरे घर पहुंचाया। मैंने गांव के ही एक ग्रामीण डॉक्टर को दिखाया तो उसने मृत घोषित कर दिया। इसके बावजूद दूसरे अस्पताल ले गए, जहां जांच करने के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जिस वक्त मेरे पोते के साथ मारपीट की जा रही थी, उस वक्त वहां अंधेरा था। पिटाई से वो जोर-जोर से बचाने के लिए आवाज लगा रहा था, उसकी आवाज सुनकर कुछ लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। ‘बेटे को अगवा करने वाले चिप्पू सिंह को भागते हुए देखा था’ मृतक दिलशाद की दादी ने कहा कि बगल के गांव निपनिया सूरज नगर के रहने वाले चिप्पू ने मेरे पोते की हत्या की है। उसे एक लड़के ने भागते हुए देखा था। देखने वाले ने स्पष्ट रूप से बताया है कि मेरे बेटे कुद्दुस को गायब करने वाले ने दिलशाद को मारा है। जब मेरे बेटे कुद्दुस का अपहरण हुआ था, तब चिप्पू सिंह ने मेरे बेटे कैशर को फोन कर धमकी दी थी और कहा था- तुम्हारे परिवार के सभी सदस्यों को चुन-चुन कर मारूंगा। 10 दिन पहले चिप्पू ने दिलशाद के बड़े भाई गोलू को मोबाइल चोरी का आरोप लगाकर जेल भेजवाया था। इसके बाद दूसरे पोते दिलशाद पर उन लोगों की नजर थी। जिस कुद्दुस का आज तक पता नहीं चला, उसकी पत्नी रिश्तेदार संग भागी 62 साल की आसमा खातून ने बताया कि मेरे शौहर मोहम्मद मंजूर का 15 साल पहले निधन हो चुका है। मेरे 7 बेटे हैं। सबसे बड़े रब्बान की बीमारी से मौत हो चुकी है। दूसरे नंबर पर कैशर उर्फ कारो है, जिसके तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। कैशर पुणे में पत्नी के साथ मजदूरी करता है। उसके मंझले बेटे दिलशाद की हत्या हुई है। बड़ा बेटा मोबाइल चोरी के आरोप में जेल में है, जबकि छोटा बेटा चार साल का है, वो मेरे पास ही रहता है। आसमा ने बताया कि तीसरे नंबर पर वकील था, जिसकी बीमारी से 5 साल पहले मौत हो गई। चौथे नंबर पर कुद्दुस है, जिसे चार साल पहले अगवा किया गया था। आज तक उसका कुछ पता नहीं चला। उसके दो बच्चे हैं, जो मेरे पास ही रहते हैं। पांचवें नंबर पर शहजाद, छठे नंबर पर महफूज और सातवें नंबर पर आलम जिंदा है। उन्होंने बताया कि 7 में से 3 बेटे अब साथ नहीं हैं, लेकिन उनके बच्चों की जिम्मेदारी मेरे ऊपर है। मैं सब्जी बेचकर बच्चों का पालन पोषण करती हूं। चिप्पू सिंह ने मेरे जिस बेटे को अगवा किया, उसकी पत्नी एक रिश्तेदार के साथ भाग चुकी है। अब उसके दोनों बेटों की जिम्मेदारी भी मुझ पर है। ‘परिजन जो आवेदन देंगे, उसके आधार पर कार्रवाई होगी’ फुलवरिया थानाध्यक्ष विजय सहनी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। लोगों को समझा-बुझाकर सड़क जाम समाप्त करवाया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। परिजन की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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'4 साल पहले बेटा गायब किया, अब पोते को मारा':बेगूसराय में 12 साल के नाबालिग की पीट-पीटकर हत्या; दादी बोली- बेटे-बहू को क्या मुंह दिखाऊंगी
