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राज्यपाल बागड़े बोले-NEET में सबसे ज्यादा सफल राजस्थान के स्टूडेंट्स:मनमोहन के समय इकॉनॉमी में एक रैंक सुधरी, मोदी ने 7 स्थान की छलांग लगाई




राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि मनमोहन के प्रधानमंत्री बनने से पहले भारत की इकॉनॉमी दुनिया में 12वें नंबर पर थी। 10 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहने के बाद वाे 11वें स्थान पर ले आए। PM नरेंद्र मोदी ने देश की इकॉनॉमी को 7 स्थानों की छलांग लगाकर चौथे स्थान पर पहुंचा दिया है और जब तक वाे PM पद से हटेंगे तब तक भारत की इकॉनॉमी फर्स्ट पोजिशन पर आ जाएगी। राज्यपाल बागड़े शनिवार को सीकर के कटराथल में स्थित शेखावाटी यूनिवर्सिटी में शेखावाटी ज्ञान सभा के उद्घाटन सत्र को संबाेधित कर रहे थे। VC डॉ. अनिल राय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। राज्यपाल बागड़े ने कहा कि सुबह अखबार पढ़ा तो देखा कि NEET रिजल्ट में उत्तरप्रदेश पहले और राजस्थान दूसरे नंबर पर है, ये बात मानी नहीं। फिर आंकड़े देखे तो समझ आया कि UP की जनसंख्या ज्यादा है इसलिए वहां के बच्चे भी ज्यादा थे। सफलता की बात करें तो राजस्थान के उत्तरप्रदेश से 16 प्रतिशत ज्यादा बच्चे NEET परीक्षा में क्वालिफाई हुए हैं। राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था बहुत अच्छी स्थिति में है, हां कुछ सुधार की जरूरत है जो हो रहे हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि नई शिक्षा नीति के साथ बच्चे आगे बढ़ेंगे। देश आगे बढ़ाने के लिए युवाओं के विश्वास और इच्छाशक्ति की जरुरत है। स्टूडेंट्स की नींव स्कूलों से शुरु होती है। पुराने जमाने में गुरुकुल में किताबें और बिल्डिंग के संसाधन नहीं थे, सिर्फ मौखिक संवाद से ज्ञान प्राप्त किया जाता था। आचार्य चक्रपाणी ने एग्रीकल्चर साइंस पर विश्ववल्लभ किताब लिखी, लेकिन मैंने फोन किया तो किसी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में नहीं मिली। राज्यपाल बागड़े ने कहा कि स्कूल-काॅलेज का उद्देश्य सिर्फ निरक्षर को साक्षर करना नहीं होना चाहिए, अब हमें बहुत आगे बढ़ना है। दीनदयाल उपाध्याय के साथ रहने का मौका मिला, तब 1967 उनके साथ काम किया। दीनदयाल उपाध्याय ने डॉ. हेडगेवार के नाम पर एक सोसाइटी शुरु की थी, जो आज फायदे में चल रही है। क्योंकि दीनदयाल उपाध्याय ने डॉ. हेडगेवार के नाम के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई। शिक्षा और संस्कृति एक गाड़ी के ही 2 पहिए है, संस्कृति समाज का दर्पण होता है। संस्कृति ही नई पीढ़ियों में शिक्षा का संचार करती है, क्योंकि हर चीज का‌ प्रूफ नहीं होता है। राज्यपाल बागड़े ने कहा कि शिक्षा रुढ़िवादी प्रथाओं व कुविचारों को‌ दूर कर सांस्कृतिक शोधन करती है। विनोबा भावे ने कहा था जिस दिन अंग्रेज़ी झंडे को हटाकर तिरंगा लहराया, उसी दिन शिक्षा बदल देनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 64 लाख करोड़ का हो गया है। यहां दुनिया का सबसे बड़ा रोड नेटवर्क है। 1953 से 2014 तक 13 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन मिले, नरेंद्र मोदी ने सरकार ने 11 साल में 11 करोड़ लोगों को दे दिए। फ्री में 58 करोड़ बैंक अकाउंट खोले गए, 12 करोड़ शौचालय बने, 80 करोड़ लोगों को फ्री अनाज मिलता है। यही विकास का प्रमाण है। राज्यपाल बागड़े ने कहा कि अब 1 कमरे में कॉलेज-यूनिवर्सिटी नहीं चलेंगे। रिजल्ट के चक्कर में स्कूल-काॅलेज-यूनिवर्सिटी वाले बच्चों को पास कर देते हैं, लेकिन बच्चों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने की जरुरत है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता RSS के प्रांत प्रचारक बाबूलाल ने कहा कि भारत देश की सभी भाषाएं ही राष्ट्रीय भाषाएं हैं। ज्ञान का विवेकपूर्ण उपयोग जरुरी है। भारत ने दुनियाभर को गुरुत्व का सिद्धांत दिया‌। अभी देश को पूर्ण विकसित होने में 20 साल और लगेंगे। शेखावाटी ज्ञान सभा के मुख्य अतिथि शेखावाटी हवेलियों के साथ शौर्य, व्यापार, शिक्षा, परिश्रम और देशभक्ति ने राष्ट्र निर्माण का काम किया। शेखावाटी के व्यापारियों ने हजारों लोगों का जीवन निर्माण किया। नवाचारों के साथ नैतिकता की जरुरत है। AI सिर्फ इंफोर्मेशन के लिए है, बिना विवेक के ये विनाश कर देगा। एक बच्चे को AI ने माता-पिता को मारने की सलाह दे दी, ये बहुत डरावना है। जब बचपन में अकबर को‌ महान पढ़ता था, तो बहुत तकलीफ होती थी। फिर मुझे सौभाग्य मिला कि शिक्षा मंत्री बनकर अकबर महाने के पाठ को हटाकर महाराणा प्रताप को महान बताने वाला पाठ शामिल किया। मेंटल पीस भी विकास का अंग है। प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी सिर्फ डिग्री देने‌ का केंद्र ना बनें, स्टूडेंट्स की बुद्धि का विकास और संस्कारयुक्त शिक्षा देने की जरूरत है। भारतीय भाषा अभियान के राष्ट्रीय संयोजक जयदीप राॅय ने कहा कि 2004 में शिक्षा बचाओ आंदोलन से शुरुआत हुई थी, जो 2007 के बाद से शिक्षा-संस्कृति उत्थान न्यास के रुप में काम कर रहा है। कोई भी काम करने से पहले उसका होमवर्क और चिंतन ढंग से कर लेना चाहिए। VC प्रो. अनिल राय ने शेखावाटी ज्ञान सभा के विषय को विस्तार से समझाया। राय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू करने में अभी समय लगेगा, युवा इसके लिए तैयार हैं। कार्यक्रम के सहसंयोजक शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, जयपुर प्रांत के अध्यक्ष प्रो. राजीव सक्सेना ने आभार जताया। शेखावाटी ज्ञान सभा का विषय शिक्षा, संस्कार एवं विकसित भारत रहा। कार्यक्रम में सागर यूनिवर्सिटी के VC कन्हैयालाल बेरवाल, पूर्व VC लोकेश सिंह शेखावत, कलेक्टर आशीष मोदी, SP प्रवीण नायक नूनावत, रजिस्ट्रार श्वेता यादव समेत काफी शिक्षाविद् और विद्यार्थी मौजूद थे। संचालन डॉ. रेणु महलावत ने किया।



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