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सिंगरौली में चढ्ढा कंपनी की कार्यप्रणाली के विरोध में शनिवार को एनसीएल (NCL) मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन में ट्रेड यूनियन, स्थानीय विस्थापित और बड़ी संख्या में मजदूर समेत कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्थानीय विस्थापितों को रोजगार देने और श्रमिकों की समस्याओं का हल निकालने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि चढ्ढा कंपनी लगातार मनमानी कर रही है। कंपनी क्षेत्र के मूल विस्थापितों और स्थानीय युवाओं को नौकरी देने के बजाय बाहरी लोगों को काम पर रख रही है, जिससे स्थानीय परिवारों में भारी गुस्सा है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने वेतन वृद्धि, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और श्रमिक सुविधाएं देने जैसी कई लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रबंधन ने दिया चर्चा का भरोसा कांग्रेस नेता राजेश सिंह ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया और स्थानीय विस्थापितों के अधिकारों की पैरवी की। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रभावित परिवारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मिलना चाहिए। दूसरी तरफ, इस मामले को लेकर कंपनी के मैनेजर बबलू मिश्रा ने बताया कि प्रबंधन कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मांगों को लेकर गंभीर है। श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की जा रही है और सभी मुद्दों का आपसी सहमति से जल्द ही कोई रास्ता निकाला जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। फिलहाल, सभी को प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली अगली बातचीत का इंतजार है।
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चढ्ढा कंपनी के खिलाफ एनसीएल मुख्यालय पर प्रदर्शन:सिंगरौली में विस्थापितों को रोजगार और श्रमिकों की मांगें पूरी करने की मांग
