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जामताड़ा में बराकर पुल निर्माण 7 माह से ठप:14.19 करोड़ का पुल तकनीकी कारणों से रुका, ग्रामीण ने की काम शुरू करने की मांग




जामताड़ा सदर प्रखंड की चालना पंचायत में बादडीह से पोलकेरा के बीच बराकर नदी पर बन रहे पुल का निर्माण कार्य पिछले सात माह से ठप है। लगभग 14 करोड़ 19 लाख रुपए की लागत वाला यह पुल तकनीकी कारणों से रुका हुआ है। निर्माण शुरू होने के कुछ ही समय बाद विभागीय तकनीकी समस्या सामने आने पर काम रोक दिया गया था। इस बहुप्रतीक्षित पुल का शिलान्यास झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 31 दिसंबर को किया था। पुल का निर्माण ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल द्वारा कराया जाना है। शिलान्यास के समय स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि यह पुल जल्द बनकर तैयार होगा और क्षेत्र की वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या हल हो जाएगी। ग्रामीणों में मायूसी और नाराजगी
हालांकि, सात माह बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों में मायूसी और नाराजगी है। उनका कहना है कि पुल के अभाव में उन्हें अभी भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल बनने से चालना पंचायत सहित आसपास के कई गांवों को सीधा लाभ मिलता। इससे धनबाद की दूरी कम होती, लोगों को रोजगार और व्यापार के बेहतर अवसर मिलते और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों तक तेजी से पहुंचाया जा सकता। इसके अतिरिक्त, जामताड़ा मुख्यालय से धनबाद तक आवागमन भी काफी सुगम हो जाता। चूंकि चालना पंचायत एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, इसलिए इस पुल का निर्माण यहां के हजारों लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सारा सामान वापस उठा लिया गया: मुखिया
स्थानीय मुखिया राबोनी मरांडी ने कहा कि शिलान्यास के बाद ठेकेदार ने निर्माण सामग्री भी गिराई थी और प्रारंभिक कार्य शुरू किया था, लेकिन कुछ दिनों बाद सारा सामान वापस उठा लिया गया। तब से निर्माण पूरी तरह बंद है। उन्होंने विभाग से मामले की जांच कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने बताया कि पुल के दोनों छोर पर करीब 100-100 मीटर अप्रोच सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन गांव से पुल स्थल तक जाने वाली सड़क आज भी जर्जर है और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। पुल का निर्माण 12 से 13 पिलरों पर होगा
ग्रामीणों ने मांग की है कि पुल निर्माण के साथ-साथ गांव से पुल तक संपर्क सड़क का भी निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में वास्तविक सुविधा मिल सके। इधर, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार बमबम ने बताया कि बराकर नदी में जलस्तर बढ़ने और पुल के फाउंडेशन डिजाइन में तकनीकी बदलाव की आवश्यकता के कारण निर्माण कार्य फिलहाल रोकना पड़ा है। उन्होंने कहा कि संशोधित डिजाइन के अनुसार प्रक्रिया पूरी की जा रही है और सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुल का निर्माण करीब 12 से 13 पिलरों पर किया जाएगा। विभाग का दावा है कि तकनीकी समस्याओं के समाधान के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी, ताकि लंबे समय से पुल की प्रतीक्षा कर रहे क्षेत्रवासियों को जल्द इसका लाभ मिल सके।



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