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बीजापुर में राज्य सरकार के ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग के फैसले का स्वास्थ्य कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। सरकार ने राज्य की सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं की लैब का संचालन केरल की एचएलएल (HLL) कंपनी को सौंपने का फैसला किया है। इस निर्णय से लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों में नाराजगी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के स्वास्थ्य कर्मचारी 22 जुलाई को रैली निकालेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। इसकी सूचना अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को भी दे दी गई है। नौकरी और भर्ती को लेकर बढ़ी चिंता स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि सरकार कंपनी को हर जांच के हिसाब से भुगतान करेगी। इससे वर्तमान कर्मचारियों की नौकरी और भविष्य में होने वाली नियमित भर्तियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। ‘सरकारी अस्पताल सेवा के लिए, निजी कंपनी मुनाफे के लिए’ संघ के जिलाध्यक्ष सदाशिव दुर्गम ने कहा कि सरकारी अस्पतालों का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देना है, जबकि निजी कंपनियां व्यवसाय और मुनाफे के लिए काम करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी अपने काम के लिए जवाबदेह होते हैं, लेकिन निजी कंपनी पर जिला प्रशासन का कितना नियंत्रण रहेगा, यह बड़ा सवाल है। फार्मेसी भी आउटसोर्स होने की आशंका संघ का कहना है कि लैब के बाद फार्मेसी का संचालन भी निजी कंपनी को दिए जाने की चर्चा है। इससे पैरामेडिकल और फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। फैसला वापस नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार आउटसोर्सिंग का फैसला वापस नहीं लेती है, तो आने वाले समय में प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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आउटसोर्सिंग के विरोध में स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन:बीजापुर में 22 जुलाई को निकालेंगे रैली, कलेक्टर को देंगे ज्ञापन
