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दतिया जिले में मानसून भले ही देरी से सक्रिय हुआ हो, लेकिन पहली तेज बारिश ने ही नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी। 2 जुलाई को मानसून की दस्तक के बाद करीब 19 दिन के इंतजार के बाद मंगलवार को अच्छी बारिश हुई। करीब एक घंटे की मूसलाधार बारिश में शहर के कई नाले उफान पर आ गए। इससे कई रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। पहली ही तेज बारिश में नगर पालिका का ड्रेनेज सिस्टम फेल नजर आया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश से पहले नालों की सफाई सिर्फ कागजों तक सीमित रही। नालों से गाद और कचरा सही तरीके से नहीं निकाला गया। इसी वजह से बारिश का पानी सड़कों और लोगों के घरों तक पहुंच गया। इन इलाकों में सबसे ज्यादा जलभराव शहर के निचले और व्यस्त इलाकों में सबसे ज्यादा परेशानी रही। दांतरे की नरिया और पंडा की नरिया में नाले का पानी सड़क पर बहने लगा। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ईदगाह मोहल्ला में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। रिछरा फाटक और सेंवढ़ा चुंगी पर भी मुख्य रास्तों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ। घरों और दुकानों में घुसा पानी सड़कों पर पानी भरने से कई घरों और सड़क किनारे बनी दुकानों में भी पानी घुस गया। बारिश का पानी उतरने के बाद सड़कों पर कीचड़ और कचरा जमा हो गया। इससे बदबू फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में उनकी हकीकत सामने आ जाती है। लोगों ने मांग की है कि जल्द नालों की दोबारा साफ-सफाई कराई जाए। उनका कहना है कि यदि आने वाले दिनों में तेज बारिश हुई तो शहर की स्थिति और खराब हो सकती है।
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दतिया में एक घंटे की बारिश से जलभराव:दांतरे की नरिया समेत कई इलाकों में घरों और दुकानों में भरा पानी
