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दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने औरंगाबाद शहर में आक्रोश मार्च निकाला। युवा कांग्रेस नेता आशुतोष कुमार सिंह और मजहर साहिल के नेतृत्व में निकले मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होकर रमेश चौक पहुंचा, जहां सभा आयोजित कर छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई की निंदा की गई। ‘छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ’ सभा को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस नेता आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि देश के युवा अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर कथित लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं, मजहर साहिल ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाकर सरकार अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की जायज मांगों पर विचार करने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग करना सरकार की असहिष्णुता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और घायल छात्रों के इलाज की मांग कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की। साथ ही घायल छात्रों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आक्रोश मार्च में एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष भीम सिंह चौहान, ऋषभ सिंह, विवेक यादव, गोविंद यादव, बाबर खान, साकिब हसन, रवि सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन किया तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
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औरंगाबाद में दिल्ली में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध:कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, बोले- संवैधानिक अधिकार का सम्मान होना चाहिए
