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अखिलेश का गुस्सा फूटा, बोले- बेटियों के कपड़े फाड़े:राहुल ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, काले कपड़ों में उतरा विपक्ष




मानसून सत्र के तीसरे दिन भी संसद के दोनों सदनों में NEET पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा छाया रहा। विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मामले पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही काले कपड़े पहने विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ओम बिरला ने करीब डेढ़ मिनट में सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। दोपहर 12 बजे कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने NEET पेपर लीक पर चर्चा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर सदन नहीं चलने देने का आरोप लगाया। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बेटियों के कपड़े फाड़े गए। हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक टाल दी गई। दोपहर 2 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठा और सदन पहले 12 बजे, फिर 2 बजे तक स्थगित हुआ। दोपहर बाद नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बिना निष्पक्ष चर्चा संभव नहीं है। जवाब में नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष के रवैये को गैर-जिम्मेदार बताया। बाद में उपसभापति हरिवंश ने गतिरोध खत्म कर चर्चा शुरू करने की अपील की, लेकिन विपक्ष ने नियम 267 के तहत तत्काल चर्चा की मांग दोहराई। सहमति नहीं बनने पर राज्यसभा की कार्यवाही भी अगले दिन तक स्थगित कर दी गई। उधर, संसद परिसर के बाहर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के वीडियो दिखाए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसी बीच लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर संवाद की अपील की, जबकि छात्रों के संगठन ने भी सरकार से जंतर-मंतर आकर बातचीत करने का आग्रह किया। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…



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