नई दिल्ली3 घंटे पहले
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PM मोदी और NCP (SP) चीफ शरद पवार की मुलाकात संसद भवन में हुई।
शरद पवार ने बुधवार सुबह PM नरेंद्र मोदी से संसद भवन में मुलाकात की। इस मौके पर बेटी सुप्रिया सुले भी उनके साथ रहीं। पीएम ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। शरद पवार ने मोदी को एक पत्र भी सौंपा। यह बैठक करीब 20 मिनट चली।
बैठक को लेकर शरद पवार ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट में कहा- NEET परीक्षा के पेपर लीक, इसके खिलाफ छात्रों के आंदोलन, आंदोलन के दौरान पुलिस के गलत व्यवहार और छात्रों पर दर्ज आपराधिक मामलों समेत कृषि क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विस्तार से चर्चा हुई।
मुलाकात की 4 तस्वीरें…

मोदी ने शरद पवार का हाथ थामा और उन्हें सहारा देकर लाए।

पवार और मोदी के बीच आत्मीय मुलातकात हुई।

पवार ने मोदी को एक पत्र भी सौंपा।

मुलाकात के दौरान शरद पवार के बेटी सुप्रिया सुले भी साथ थीं।
किसानों की समस्याओं पर भी हुई चर्चा
पवार ने आगे लिखा- प्रधानमंत्री मोदी की साथ हुई बैठक में देश और महाराष्ट्र में कृषि क्षेत्र की प्रशासनिक और नीतिगत कमियों, किसानों की गंभीर समस्याओं, जल प्रबंधन और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान पीएम को किसानों की लंबित मांगों और कृषि क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों से भी अवगत कराया गया। इन मुद्दों पर आवश्यक कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया गया।
परिसीमन बिल पर समर्थन देने के संकेत
शरद पवार की मोदी से मुलाकात ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। परिसीमन बिल पर बीजेपी को एनसीपी (SP) के 8 सांसदों का समर्थन चाहिए। इस मुलाकात को उससे जोड़कर भी देखा जा रहा है। सुप्रिया सुले ने कुल सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी की लिखित गारंटी मिलने पर इस बिल को सशर्त समर्थन देने के संकेत दिए हैं।
हालांकि सुप्रिया सुले ने एनडीए में शामिल होने या किसी भी तरह के विलय के प्रस्तावों को खारिज किया है। ऐसे में शरद पवार के अगले कदम पर सस्पेंस है।

21 जुलाई को NCP (SP) चीफ शरद पवार जंतर-मंतर पहुंचे थे। कॉकरोच जनता पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके उनसे मिलने मंच से उतरकर गाड़ी के पास तक पहुंचे थे।
मोदी-पवार के निजी रिश्ते मजबूत
मोदी और पवार के बीच रिश्ते निजी तौर पर बेहद सौहार्दपूर्ण और आदरपूर्ण हैं। हालांकि चुनावी राजनीति के मंच पर दोनों एक-दूसरे पर तीखे हमले करने से नहीं चूकते।
- पीएम मोदी ने 2015 में बारामती के दौरे के दौरान सार्वजनिक रूप से शरद पवार के लंबे राजनीतिक अनुभव की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि पवार ने राजनीति के शुरुआती दिनों में उनका हाथ पकड़कर चलना सिखाया था।
- राजनीतिक मतभेदों के बावजूद मोदी सरकार ने 2017 में शरद पवार को देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा था।
- शरद पवार देश के उन चुनिंदा विपक्षी नेताओं में गिने जाते हैं, जिनका प्रधानमंत्री से सीधा संपर्क है। वे राष्ट्रीय मुद्दों या महाराष्ट्र के प्रशासनिक संकटों पर अक्सर पीएम मोदी से वन-टू-वन मुलाकात करते हैं।
मोदी ने चुनाव में पवार पर कड़े हमले किए
साल 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान मोदी ने शरद पवार की NCP को ‘नेचुरली करप्ट पार्टी’ करार दिया था और जनता से ‘चाचा-भतीजा’ (शरद पवार और अजीत पवार) की जोड़ी को उखाड़ फेंकने की अपील की थी। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान पीएम मोदी ने शरद पवार का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘भटकती आत्मा’ कहा था, जो राजनीतिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाती है।
शरद पवार भी मोदी सरकार की नीतियों की लगातार आलोचना करते आए हैं। उन्होंने मोदी की तुलना रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से करते हुए देश में डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया था। इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी की तुलना पूर्व जवाहरलाल नेहरू से करने पर भी आपत्ति जताई थी।
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मुंबई

मुंबई में 8 जुलाई को शरद पवार और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मुलाकात हुई थी।
शरद पवार की पार्टी NCP के NDA में शामिल होने या कांग्रेस में विलय की अटकलें हैं। हालांकि, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने इन सभी चर्चाओं को अफवाह बताया है।
सूत्रों के मुताबिक, शरद की पार्टी के नेता NDA में शामिल के फेवर में नहीं हैं। कुछ नेताओं ने इस पर असहमति जताई है। पोता रोहित पवार इस फैसले के खिलाफ हैं। पढ़ें पूरी खबर…

