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हॉस्टल में नहीं मिली परमिशन,सड़क पर 'छात्रों की गूंज':कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत छात्रों से बोलीं, युवाओं के भविष्य से हो रहा खिलवाड़




प्रयागराज के सलोरी में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने बुधवार को सड़क पर ही हजारों छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। युवा जब अपने अधिकारों और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर आवाज उठाते हैं तो उनका दमन किया जाता है और लाठियां बरसाई जाती हैं। लेकिन इस पर चुप नहीं रहा जाएगा। कांग्रेस पार्टी छात्रों की आवाज मजबूती से उठा रही है और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी। अनुमति नहीं मिलने पर बदला कार्यक्रम स्थल
सुप्रिया श्रीनेत का कार्यक्रम पहले हॉलैंड हॉल हॉस्टल में प्रस्तावित था, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिलने के कारण अंतिम समय में कार्यक्रम स्थल बदलकर सलोरी कर दिया गया। इसके बाद शाम सात बजे करीब ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के मुख्य गेट के पास सड़क किनारे मंच बनाया गया, जहां हजारों छात्र जुटे। सुप्रिया श्रीनेत ने वहीं छात्रों को संबोधित किया और शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी तथा छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने छात्रों से कहा, आज इस देश की जो परिस्थिति है, वह किसी से छिपी हुई नहीं है। पिछले 48 घंटे में इस देश ने जो देखा है और आप लोगों ने अपने टीवी चैनलों, यूट्यूब चैनलों, पोर्टलों और अखबारों के माध्यम से जो दिखाया है, वह इस देश की बड़ी बदसूरत और दुर्भाग्यपूर्ण तस्वीर है। आज देश का युवा उस मुहाने पर खड़ा है, जहां या तो उसे अपना भविष्य चुनना है या चुपचाप अन्याय सहते हुए अपना भविष्य ध्वस्त होते देखना है। बातचीत के बजाय दमन का रास्ता चुना
उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं ने पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाई और अपने अधिकारों की बात की, लेकिन सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय दमन का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी की सरकार और अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने छोटे-छोटे बच्चों को लाठियों से पीटा। आज एक बच्ची दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी की लड़ाई लड़ रही है और सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। ’22 बच्चों की सिस्टम और सरकार ने हत्या की’
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि “नीट का पेपर पहली बार नहीं, कई बार लीक हो चुका है। 22 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। पेपर लीक होने के बाद फिर परीक्षा हुई। लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फिर गया। मेरे हिसाब से जिन 22 बच्चों ने आत्महत्या की, वह आत्महत्या नहीं बल्कि सिस्टम और सरकार की ओर से की गई हत्या है।
उन्होंने कहा कि बच्चे 18-18 और 20-20 घंटे पढ़ाई करते हैं, परिवार अपनी जमा-पूंजी और पेट काटकर उन्हें पढ़ाता है, लेकिन पेपर लीक होने के बाद उन्हें फिर उसी जगह से शुरुआत करनी पड़ती है। इस दर्द और हताशा को हर कोई सहन नहीं कर सकता। पेपर लीक माफिया को मिल रहा संरक्षण
कांग्रेस प्रवक्ता ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा, अगर किसी सरकार में नैतिकता होती तो धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देते। आपकी देखरेख में पेपर लीक हो रहे हैं और पेपर लीक माफिया को संरक्षण मिल रहा है। करोड़ों बच्चों के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ बिना राजनीतिक संरक्षण के नहीं हो सकता।
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, आज जब युवा अपने हक की बात करता है तो 16-17 साल की बेटियों को डंडों से पीटा जाता है। आपने वीडियो देखे होंगे, जिनमें बच्चों के शरीर पर चोट के निशान हैं। शांतिपूर्वक खड़ी एक लड़की को पुलिस अधिकारी थप्पड़ मारता है। यह देश में क्या हो रहा है और क्या इस पर चुप रहा जा सकता है? सिर्फ छात्र नहीं, पूरा परिवार भुगतता है
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने देशभर में 250 से अधिक कार्यक्रम आयोजित कर छात्रों की आवाज उठाई है। धूप, गर्मी, बारिश और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद हम छात्रों के साथ खड़े रहे, क्योंकि जब परीक्षा रद्द होती है तो सिर्फ परीक्षा नहीं रद्द होती, पूरा परिवार तबाह हो जाता है। पूरी सरकार की जवाबदेही का सवाल
राहुल गांधी का जिक्र करते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत की और छात्रों के भविष्य, रोजगार तथा शिक्षा के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा, एक परिवार अपने बच्चे को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने में करीब नौ लाख रुपये खर्च कर देता है। सरकार को शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रणाली सुधारनी चाहिए, लेकिन वह सुधार करने के बजाय दमन पर उतर आई है। राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के बाहर इसलिए बैठे क्योंकि वह प्रधानमंत्री से जवाबदेही मांग रहे थे। यह केवल शिक्षा मंत्री का मामला नहीं है, बल्कि पूरी सरकार की जवाबदेही का सवाल है।
कार्यक्रम के दौरान हाईकोर्ट के अधिवक्ता रजनीश सिंह रिशु, किशोर वार्ष्णेय, फुजैल हाशमी समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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