महकदीप कौर का शव सड़क किनारे खेतों में पड़ा मिला था। इनसेट में महकदीप का फाइल फोटो।
फरीदकोट में ऑनर किलिंग ने जगदीप सिंह और महकदीप कौर की 6 साल की लव स्टोरी का द एंड कर दिया। वकील सिंह ने जगदीप के सामने अपनी बेटी महकदीप के पेट में चाकू से एक के बाद एक 6 वार किए।
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पिता, ताया और अन्य परिजनों ने महकप्रीत की हत्या कर उसे सड़क किनारे फेंक दिया और जगदीप सिंह की हत्या करने के लिए उसका पीछा करने लगे। जगदीप ने खेतों में छिपकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने महकदीप के पिता वकील सिंह समेत कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
जगदीप सिंह और महकदीप एक ही गांव के रहने वाले थे। दोनों साथ पले-बढ़े। दोनों में दोस्ती हुई और फिर प्यार हो गया। 6 साल से दोनों में प्रेम संबंध थे, इसलिए दोनों रोजाना मिलते-जुलते रहते थे। जून 2026 में दोनों ने भागकर शादी की। परिजनों ने मारने की धमकी दी तो उन्होंने हाईकोर्ट से प्रोटेक्शन मांगा।
पुलिस ने दोनों के परिजनों को बुलाया। महकदीप के पिता वकील सिंह ने कहा कि ये दोनों गांव में न आएं, जहां रहना चाहते हैं, रहें। वकील सिंह बेटी के गांव में शादी करने से नाराज थे और उन्होंने मौका मिलते ही बेटी की हत्या कर दी।

महकदीप की लाश का जायजा लेते हुए पुलिस अधिकारी।
जगदीप और महकदीप की लवस्टोरी…
- एक ही गांव के थे दोनों: जगदीप सिंह और महकदीप कौर फरीदकोट जिले के बुर्ज हरीका बरगाड़ी गांव के रहने वाले थे। दोनों की एक दूसरे से काफी नजदीकियां थीं। दोनों एक साथ रहते थे। पड़ोसी होने के कारण कोई उन पर शक भी नहीं करता था। दोनों ने कभी किसी को इस बारे में शक होने भी नहीं दिया।
- छह साल पहले हुआ इजहार: जगदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि 6 साल पहले उसने प्यार का इजहार किया। इसके बाद दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। हालांकि, दोनों एक ही गांव के थे, इसलिए दोनों के परिवार नहीं चाहते थे कि उनकी शादी हो। जगदीप ने बताया कि उसने अपने परिवार से बात की तो वे नहीं माने। इसके बाद दोनों ने भागकर शादी का फैसला किया।
- 4 जून को गुरुद्वारा साहिब में की शादी: जगदीप सिंह ने बताया कि 4 जून को दोनों घर से निकले और मलोट के गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। वहां दोनों ने शादी की। अब उनके सामने समस्या यह थी कि वे जाएं कहां? जगदीप सिंह ने बताया कि दोनों के परिवार शादी के खिलाफ थे। ऐसे में उन्हें जान का खतरा था। इसलिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका देकर प्रोटेक्शन मांगी।

महकदीप की लाश खेतों में पड़ी मिली। उसने चूड़ा पहना हुआ था।
- थाना बाजाखाना में दोनों के परिवार मिले: जगदीप सिंह ने बताया कि 10 जून को थाना बाजाखाना में दोनों के परिवार पहुंचे और दोनों पक्षों के बयान हुए। महकदीप कौर के माता-पिता ने शर्त रखी कि वह दोनों अपने गांव में नहीं रहेंगे। इसलिए, दोनों बहन रमनदीप कौर (जगदीप की बहन) के पास बठिंडा के गांव भाईरूपा में जाकर रहने लगे।
- मां-भाई ने संपर्क किया: जगदीप ने बताया कि महकदीप की माता सिमरजीत कौर और भाई हरप्रीत सिंह उसकी पत्नी के साथ उसके मोबाइल पर बातें करने लगे। उन्होंने महकदीप को मिलने के लिए कहा। महकदीप भी मिलने को राजी हो गई। वह उसे मिलने से मना करता था, लेकिन महकदीप अपनी माता और भाई को मिलने की जिद करने लगी। इस पर वह भी सहमत हो गया।
- मां ने ढिलवां के गुरुद्वारे बुलाया: जगदीप सिंह ने बताया कि 20 जुलाई को उसकी सास सिमरजीत कौर और साले हरप्रीत ने महकदीप को फोन कर कहा कि गांव ढिलवां के गुरुद्वारे में आए, वहीं मिलेंगे। जगदीप ने कहा कि पत्नी की जिद पर वह उसे लेकर गुरुद्वारा पहुंचा। गुरुद्वारा पहुंचने से पहले सड़क पर महकदीप के पिता मिल गए और उन्होंने धमकाना शुरू किया।

पिता, ताया व चाचा ने महकदीप को खेतों में दौड़ाकर काटा
- बाइक पर बैठे पति-पत्नी को घेरा: जगदीप सिंह ने बताया कि जब वह अपनी सास व साले से मिलने आ रहे थे तो उसके ससुर, चाचा ससुर, ताया ससुर और एक अन्य व्यक्ति ने उन्हें घेर लिया। ससुर ने उसकी बाइक का हेंडल पकड़ा और चाबी निकालने लगा। उसे शक हुआ कि ये लोग उनके साथ कुछ गलत करेंगे। जगदीप अपनी पत्नी को बाइक पर बैठाकर वहां से हाईवे की ओर भाग गया।
- बाइक खराब हो गई: जगदीप ने बताया कि जब वह अपनी पत्नी को लेकर भाग रहा था, आगे जाकर उसकी बाइक खराब हो गई। महकदीप के पिता, चाचा, ताया व अन्य लोग उनका पीछा कर रहे थे। उन्होंने बाइक वहीं पर छोड़ी और पैदल ही भाग गए।

महकदीप की हत्या के आरोपियों के साथ पुलिस अधिकारी।
- ताया ससुर ने कहा- जिंदा जाने नहीं देना: जगदीप ने बताया कि ताया ससुर पीछा करते हुए चिल्ला रहा था कि इन्होंने हमारी इज्जत मिट्टी में मिलाई है, इसे जिंदा जाने नहीं देना है। इतने में ससुर वकील सिंह, ताया ससुर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा, चाचा ससुर सुखचैन सिंह, बुआ के लड़के दिलबाग सिंह और सुखा सिंह उर्फ गोलू उनते पास आ गए। सुखा ने हाथ में पकड़े तेजधार हथियार दिखाकर धमकाना शुरू कर दिया। वह और महकदीप अपनी जान बचाने के लिए हाईवे की तरफ भागे।
- जान बचाने खेतों की तरफ भागे: जगदीप ने बताया कि दोनों जान बचाने खेतों की तरफ भागे। खेतों के किनारे पर लोहे के कंटीले तार लगे थे। वह तो कंटीले तारों को पार कर गया, लेकिन महकदीप उसमें फंस गई। इस पर उसके पिता वकील सिंह ने उसका हाथ पकड़ लिया।
- सामने किए चाकू से वार: जगदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने पीछे आकर महकदीप को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन ससुर ने उस पर चाकू से वार करने शुरू कर दिए। उसके सामने ही ससुर ने महकदीप पर 6 वार किए। वह बचाओ-बचाओ चिल्लाती रही, फिर भी वह कुछ नहीं कर पाया। जब उन्होंने महकदीप को मार दिया तो लगा कि अब वे उसे भी मार देंगे। इसलिए वह वहां से भाग गया और खेतों में छिप गया।

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