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चंडीगढ़ में 'खेल का उपहार, नशे पर प्रहार' अभियान शुरू:प्रशासक कटारिया बोले- खेलों से जुड़ेगा युवा, तभी नशे से दूर होगा समाज




पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने राजभवन में “खेल का उपहार, नशे पर प्रहार” अभियान की शुरुआत की। कर्तव्यनिष्ठ और नशा मुक्ति चेतना संघ की ओर से चलाया जा रहा यह अभियान दो महीने तक चलेगा। इसका मकसद युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना और जरूरतमंद बच्चों को खेल सामग्री उपलब्ध कराना है। राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए उन्हें खेलों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अभियान में हिस्सा लें और जरूरतमंद बच्चों को खेल सामग्री देकर उनकी मदद करें, ताकि पैसों की कमी के कारण किसी बच्चे का खेल का सपना अधूरा न रह जाए। कार्यक्रम में कर्तव्यनिष्ठ अभियान के संयोजक संजीव राणा, डॉ. निधि चौधरी, डॉ. निशा, सुनीता सरोन, सीमा चौधरी सहित नशा मुक्ति चेतना संघ और कर्तव्यनिष्ठ अभियान से जुड़े कई पदाधिकारी और स्वयंसेवक मौजूद रहे। 10 हजार लोगों को जोड़ने का लक्ष्य अभियान के पहले चरण में 10 हजार लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए उद्योगपतियों, व्यापारियों, डॉक्टरों, शिक्षकों, खिलाड़ियों, सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों से सहयोग मांगा जाएगा। उनसे क्रिकेट बैट, फुटबॉल, हॉकी स्टिक, बैडमिंटन रैकेट, खेल किट, जूते और अन्य खेल सामग्री दान करने की अपील की जाएगी। दान में मिली खेल सामग्री जरूरतमंद और गरीब परिवारों के बच्चों को दी जाएगी, ताकि वे खेलों में आगे बढ़ सकें और अपनी प्रतिभा दिखा सकें। अभियान केवल चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा। नशा मुक्ति चेतना संघ के सहयोग से इसे पंजाब के विभिन्न जिलों में भी चलाया जाएगा। इसके अलावा एकत्रित खेल सामग्री हिमाचल प्रदेश के दुर्गम और सीमावर्ती गांवों के जरूरतमंद बच्चों तक भी पहुंचाई जाएगी। केवल खेल सामग्री बांटने का अभियान नहीं कर्तव्यनिष्ठ अभियान के संयोजक संजीव राणा ने कहा कि यह सिर्फ खेल सामग्री बांटने का अभियान नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर कर खेलों से जोड़ने की पहल है। उन्होंने कहा कि अगर हर सक्षम व्यक्ति एक जरूरतमंद बच्चे को खेल सामग्री दे दे, तो हजारों बच्चों का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और अच्छी आदतें विकसित करते हैं। इसलिए समाज के हर व्यक्ति को इस अभियान से जुड़कर जरूरतमंद बच्चों की मदद करनी चाहिए।



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