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कलेक्टर ने हाई रिस्क गर्भवती को बनाया बहन:कहा- 'आज से आपकी जिम्मेदारी मेरी', गोद भराई कर समय पर पोषण लेने का दिया संदेश




राज्य सरकार के हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) सघन मॉनिटरिंग अभियान की शुरुआत झालावाड़ में अनोखे अंदाज में हुई। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ भारी बारिश के बीच ग्राम रलायता पहुंचे और हाई रिस्क गर्भवती टीना भील की गोद भराई रस्म कराई। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिला को बहन का दर्जा देते हुए कहा, “आज से आपकी जिम्मेदारी मेरी है।” साथ ही चिकित्सा विभाग को नियमित स्वास्थ्य निगरानी और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 65 हाई रिस्क गर्भवतियों पर विशेष निगरानी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. साजिद खान ने बताया कि जुलाई माह के अंत तक जिले में 922 संभावित प्रसव होने हैं। इनमें 65 महिलाओं को हाई रिस्क प्रेगनेंसी के रूप में चिन्हित किया गया है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार अभियान की मुख्य सचिव एवं प्रमुख शासन सचिव स्तर पर प्रतिदिन वर्चुअल समीक्षा की जा रही है। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला का सुरक्षित और सफल संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य सेवाओं की होगी सतत मॉनिटरिंग जिला कलेक्टर ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिन्हित गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक उपचार, पोषण, दवाइयों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की लगातार निगरानी की जाए, ताकि प्रसव के दौरान किसी भी प्रकार का जोखिम कम किया जा सके। गोद भराई के जरिए जागरूकता पर जोर सीएमएचओ डॉ. खान ने बताया कि गोद भराई कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को सम्मान देने के साथ-साथ उन्हें नियमित प्रसवपूर्व जांच (एएनसी), संतुलित एवं पौष्टिक आहार, आयरन-फोलिक एसिड सेवन, टीकाकरण, सुरक्षित मातृत्व और संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूक करना है। विशेष रूप से हाई रिस्क गर्भवतियों और उनके परिजनों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना अभियान की प्राथमिकता रहेगी। ग्रामीण सेवा शिविरों में भी मिलेगी प्राथमिकता डॉ. खान ने बताया कि जिले में आयोजित ग्रामीण सेवा फॉलो-अप शिविरों में एचआरपी सघन मॉनिटरिंग अभियान को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (बीसीएमओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र की चिन्हित हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को शिविरों में लाएं। यहां गोद भराई, स्वास्थ्य परामर्श, आवश्यक जांच और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि प्रत्येक गर्भवती महिला का सुरक्षित एवं स्वस्थ प्रसव सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम में रहे मौजूद इस अवसर पर बीसीएमओ डॉ. सुनील कुमार मीणा, बीपीएम रजनी दवे, चिकित्सा प्रभारी डॉ. आशरिक अंसारी सहित चिकित्सा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।



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