![]()
दमोह जिले में 108 एंबुलेंस सेवा में देरी के कारण एक गर्भवती महिला को बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय में बच्चे को जन्म देना पड़ा था। इस गंभीर लापरवाही पर शासन ने कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस चलाने वाली कंपनी पर 2 लाख 35 हजार 931 रुपए का जुर्माना लगाया है। दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने गुरुवार शाम को यह जानकारी दी। घटना 8 जुलाई की जबेरा ब्लॉक के ग्राम बम्होरी की है। बम्होरी निवासी 30 साल की कविता बाई को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया था। परिजन को बताया गया कि गाड़ी आने में एक घंटा लगेगा। महिला की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे ई-रिक्शा से अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ई-रिक्शा की बैटरी खत्म हो गई। साड़ियों का पर्दा बनाकर कराना पड़ा प्रसव ई-रिक्शा रुकने के बाद महिला को बम्होरी बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय में बैठाकर एंबुलेंस का इंतजार किया गया। जब घंटे भर बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची और दर्द बढ़ गया, तो गांव की महिलाओं ने साड़ियों का पर्दा बनाकर प्रतीक्षालय में ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। बाद में बम्होरी सरपंच ने अपने निजी वाहन से मां और बच्चे को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जांच के बाद कंपनी पर ठुका जुर्माना मामले की शिकायत मिलने पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जांच के निर्देश दिए थे। सीएमएचओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने एंबुलेंस सेवा देने वाली कंपनी ‘जेएईएस प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा। शासन के नोटिस पर कंपनी ने अपनी लापरवाही स्वीकार की, जिसके बाद उस पर 2,35,931 रुपए का जुर्माना लगाया गया। कलेक्टर की चेतावनी कलेक्टर ने साफ कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर एंबुलेंस सेवा देना सबसे पहली प्राथमिकता है। अगर भविष्य में एंबुलेंस कंपनी की तरफ से ऐसी कोई भी लापरवाही सामने आती है, तो इससे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Source link
108 एजेंसी पर 2.35 लाख का जुर्माना:दमोह में गर्भवती को समय पर एंबुलेंस नहीं मिली, कलेक्टर ने कार्रवाई के लिखा था पत्र
