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जयपुर जिले के कालाडेरा में सेठ आरएल साहरिया राजकीय पीजी महाविद्यालय में स्टूडेंट्स को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक किया गया। गर्ल्स मेंटोरिंग कमेटी और राजस्थान राज्य महिला नीति प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में साइबर अपराध और महिला अधिकार विषय पर यह जागरूकता व्याख्यान हुआ। छात्राओं और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा तथा महिला अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। मुख्य वक्ता कालाडेरा थाना प्रभारी (एसएचओ) पूजा पूनिया ने कहा-वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को उनसे बचने के अनेक प्रभावी उपाय बताए। उन्होंने कहा- किसी भी व्यक्ति के साथ बिना आवश्यकता अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी शेयर नहीं करनी चाहिए। उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने और पुलिस सेवाओं का लाभ लेने के लिए राजकोप सिटीजन एप के उपयोग की जानकारी भी दी। साथ ही स्टूडेंट्स से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहने का आह्वान किया। संदिग्ध कॉल पर पुलिस को दें सूचना SHO पूजा ने कहा- डिजिटल अरेस्ट जैसी नई साइबर ठगी के तरीकों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा- यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल, धमकी या दबाव का सामना करना पड़े तो घबराने के बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करें और किसी भी प्रकार की वित्तीय जानकारी साझा न करें। गुड टच-बेड टच की दी जानकारी महिला सुरक्षा और अधिकारों पर छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ न कहना सीखने, गुड टच-बेड टच की जानकारी दी। किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, हिंसा या दुर्व्यवहार की स्थिति में परिवार, शिक्षकों या पुलिस को सूचित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मोबाइल फोन में उपलब्ध एसओएस और इमर्जेंसी सुविधाओं के उपयोग की जानकारी देते हुए बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों में ये फीचर महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। इस मौके पर प्रोफेसर सुमन भाटिया, प्रोफेसर रेणूबाला, राज्य महिला नीति प्रभारी डाॅ. दीपा वर्मा आदि मौजूद रहीं।
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डिजिटल अरेस्ट पर डरें नहीं, पुलिस को दें सूचना:नए साइबर ठगी के तरीकों से सावधान रहने की दी सलाह
