23 जुलाई…सुबह 10 बजे, हम दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। यहां 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन कर रही है। एंट्री गेट पर ही एक डिलीवरी एजेंट मिले। हमने उन्हें रोककर पूछा कि क्या लेकर आए हैं और किसके लिए। जवाब मिला- खाना, दवाएं, मास्क और गार्बेज ब
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ये अकेल नहीं, इनके जैसे सैकड़ों एजेंट्स दिनभर पार्सल लेकर जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं। जहां तकरीबन हर वक्त 10 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा रहती है। कोई खाना और पानी पहुंचाने आ रहा, तो कोई दवाइयां-सैनिटरी पैड्स या जरूरत के बाकी सामान। देश के अलग-अलग हिस्सों से ये मदद भेजी जा रही है, लेकिन ना भेजने वालों का नाम है, ना पता।

जंतर-मंतर पर खाना-दवा सिर्फ मुंबई, दिल्ली, यूपी और केरल से ही नहीं अमेरिका, कनाडा, कतर और दुबई जैसे देशों से भी ऑर्डर कर भेजे जा रहे हैं।
केरल से इंजीनियर ने पहले खाना भेजा, फिर दवाएं
हमने डिलीवरी एजेंट के जरिए बात करके पार्सल भेजने वाले का नाम-पता जानना चाहा और एजेंट के फोन से ही ऑर्डर भेजने वाले से बात की। तब पता चला कि इसे केरल के सीजो ने भेजा है। वे मलयाली क्रिश्चिनय हैं और पेशे से इंजीनियर। कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लगातार फॉलो कर रहे हैं। कॉर्पोरेट कंपनी में जॉब करते हैं, इसलिए दिल्ली आकर प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते। लिहाजा मदद का ये तरीका चुना। सीजो कहते हैं, ‘मैं वहां नहीं आ सकता, इसलिए क्विक डिलीवरी एप से प्रदर्शनकारियों के लिए जूस, चिप्स, नमकीन जैसे सामान भेजे। कुछ मेडिकल का सामान भी भेजा है, जैसे- ORS, रीलिफ स्प्रे, ताकि जो बीमार हैं या जिन्हें चोट लगी है, उन्हें थोड़ी मदद मिल सके।‘ सीजो ने अभी जंतर-मंतर पर दो हजार का सामान भेजा है। एक दिन पहले वे करीब 5 हजार रुपए खर्च कर खाना भी भिजवा चुके हैं।

पहले ज्यादा खाना पहुंचने से बर्बाद हो गया था, जिसे लेकर CJP ने अपील की। इसके बाद अब पैक्ड फूड्स के पार्सल आ रहे हैं।

महिला प्रदर्शनकारियों के लिए सैनिटरी पैड्स भी भेजे गए हैं। साथ में दवाइयां और बैंडेज भी हैं।
राजू बोले- हर घंटे ऑर्डर लेकर जंतर-मंतर आ रहा
इसके बाद हमें अमेजॉन फ्रेश के लिए काम करने वाले राजू मिले। उन्होंने बताया कि वे प्रदर्शनकारियों के लिए करीब 7 हजार रुपए का सामान लेकर पहुंचे हैं। वैसे तो उनका काम सिर्फ सामान धरनास्थल तक पहुंचाना था, लेकिन ये सही लोगों तक पहुंच सके, इसलिए खुद रुककर इसे जरूरतमंद प्रदर्शनकारियों तक पहुंचवाया।
राजू बताते हैं, ‘हम हर घंटे यहां ऑर्डर लेकर आ रहे हैं। हमारे डार्क स्टोर (स्थानीय गोदाम) पर जो भी डिलीवरी पार्टनर हैं, उनमें से ज्यादातर सामान पहुंचाने के लिए जंतर-मंतर के ही चक्कर लगा रहे हैं।‘

जंतर-मंतर के एंट्री गेट पर सुबह से रात तक स्विगी और जोमैटो समेत तमाम डिलीवरी एजेंट्स की लाइन लगी है।

प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए सामाजिक और धार्मिक संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। वो खाना बनवाकर धरना स्थल तक पहुंचा रहे हैं।
यूपी से भेजा ऑर्डर, बोले- स्टूडेंट हैं इसलिए दर्द समझते हैं
हमारे सामने ही जंतर-मंतर के गेट के बाहर करीब 24-25 से ज्यादा स्विगी और जोमैटो वाले खड़े मिले। हम इन्हीं में से एक के पास पहुंचे। डिलीवरी पार्टनर से कहा कि ऑर्डर भेजने वाले को फोन लगा दीजिए। बात की तो पता चला कि ये ऑर्डर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले सत्यानंद ने भेजा है।
बीएड कर रहे सत्यानंद भी दिल्ली आना चाहते थे, लेकिन पढ़ाई के चलते नहीं आ सके। वे कहते हैं, ‘हम भी स्टूडेंट है, इसलिए उनके मुद्दे और दर्द समझ रहे हैं। मेरा इन्हें पूरा सपोर्ट है। दिल्ली नहीं आ सकता, लेकिन अपनी सामर्थ्य के मुताबिक जो कर सकता हूं, कर रहा हूं।’
उनका ऑर्डर लेकर आए डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि सुबह से जंतर-मंतर पर ये उनका 8वां ऑर्डर है। एक दिन पहले भी वो दिनभर जंतर-मंतर पर सामान पहुंचाते रहे।

उत्तराखंड के रहने वाले विनोद ने प्रदर्शनकारियों के लिए 20 प्लेट पूरी-सब्जी भेजी। वहीं किसी ने मैकडोनाल्ड से बर्गर ऑर्डर किया।
प्रदर्शनकारियों तक ऑर्डर पहुंचाने के लिए वॉलंटियर्स एक्टिव
देश भर से आ रही इस मदद को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स भी सक्रिय हैं। इनमें से अभिषेक और प्रीति जंतर-मंतर के बाहर लगी बैरिकेडिंग से सामान उठाकर करीब 400 मीटर दूर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचा रहे हैं।
अभिषेक बताते हैं कि अभी तक प्रदर्शनकारियों के लिए भेजा गया सामान बीच में ही लोग अपने घर ले जाने लगे थे, इसलिए हमने ये सब शुरू किया। प्रीती कहती हैं कि अगर ये मदद जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचेगी, तो भेजने वाले खुद को ठगा महसूस करेंगे। यही वजह है कि हम इसे सही जगह पहुंचा रहे हैं।
दोनों वॉलंटियर्स के मुताबिक, छोले भटूरे, समोसे, कोल्ड ड्रिंक से लेकर पानी तक यहां सब कुछ आ रहा है। लड़कियों के लिए सैनिटरी पेड और घायलों के लिए मेडिकल सामान भी है। कोई नंगे पैर न रहे इसलिए अलग-अलग साइज की चप्पलों के ऑर्डर भी आए हैं।

ऑर्डर किए गए सामानों में फल, ब्रेड के पैकेट, फ्रूट जूस और पानी की बोतलें शामिल हैं।

प्रदर्शनकारियों के लिए ORS के पैकेट, पेन रिलीफ स्प्रे, मास्क और बैंडेज के पार्सल भी पहुंचे हैं।
आखिर में CJP के आंदोलन का अपडेट…
सरकार बोली- 4 बार बातचीत के लिए बुलाया
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन 20 जून से जारी है। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सरकार ने 23 जुलाई को कहा कि वो CJP के साथ किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 24 घंटे में CJP को जेपी नड्डा के घर या ऑफिस पर बातचीत के लिए 4 बार ऑफर भेजा जा चुका है। हालांकि, CJP ने कहा है कि सरकार को बात करनी है तो जंतर-मंतर आए या फिर किसी न्यूट्रल जगह पर चर्चा करे। हम किसी के घर या ऑफिस नहीं जाएंगे। इधर, CJP ने अब 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है।
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