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उन्नाव के आनंद घाट से ही जल भरेंगे कांवड़िए:10 हजार से अधिक श्रद्धालु जलभर होंगे रवाना




उन्नाव में श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए इस बार कांवड़ियों को केवल आनंद घाट से ही गंगाजल भरने की अनुमति होगी। अन्य सभी घाटों को यात्रा के दौरान बंद रखा जाएगा। शनिवार को सदर उपजिलाधिकारी राजेश विश्वकर्मा, क्षेत्राधिकारी (सिटी) विनी सिंह, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ. राजेश कुमार और गंगाघाट प्रभारी निरीक्षक ने मिश्रा कॉलोनी स्थित पंचायत घर से लेकर आनंद घाट तक स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घाटों की सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के आवागमन, साफ-सफाई और जल भराव की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद यह निर्णय लिया गया कि कांवड़ियों के स्नान और गंगाजल भरने के लिए सिर्फ आनंद घाट को अधिकृत किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से अन्य सभी घाटों को कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के उपयोग के लिए बंद रखा जाएगा। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि बंद किए जाने वाले घाटों तक जाने वाले रास्तों और गलियों में बैरिकेडिंग की जाए। इसके अतिरिक्त, प्रमुख स्थानों पर फ्लेक्स बोर्ड और सूचना पट्ट लगाए जाएंगे। इन पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि जल भरने के लिए केवल आनंद घाट का ही उपयोग करें, ताकि श्रद्धालु अनजाने में अन्य घाटों पर न पहुंचें। अधिकारियों ने नगर पालिका को घाट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पुलिस विभाग को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने, भीड़ नियंत्रण और यातायात संचालन की प्रभावी योजना लागू करने के लिए कहा गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में लगभग 10 हजार कांवड़िए आनंद घाट से गंगाजल भरकर बाराबंकी सहित विभिन्न जनपदों की ओर प्रस्थान करते हैं। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए इस बार सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उपजिलाधिकारी राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो।



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