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फिटनेस नहीं करवाई तो स्कूल बसों पर सख्ती:6 महीने से ज्यादा देरी वाली बसों की आरसी निलंबित करने की कार्रवाई शुरू




स्कूल बसों में रोजाना सैकड़ों बच्चे सफर करते हैं, लेकिन अगर वही बसें तय समय पर फिटनेस जांच नहीं कराएं तो यह बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। इसी को देखते हुए चित्तौड़गढ़ परिवहन विभाग ने अब सख्त कदम उठाया है। जिन स्कूल बसों की फिटनेस खत्म हुए छह महीने से ज्यादा हो चुके हैं और इसके बावजूद उन्हें रिन्यू नहीं कराया गया, उनकी आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग पहले ही ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी कर चुका था, लेकिन चेतावनी के बाद भी कई संस्थानों ने नियमों का पालन नहीं किया। पहले नोटिस दिए, अब शुरू हुई कार्रवाई जिला परिवहन अधिकारी दया शंकर गुप्ता ने बताया कि कुछ समय पहले जिले के 32 स्कूलों की बसों की फिटनेस अवधि खत्म होने पर संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस मिलने के बाद कई स्कूलों ने अपनी बसों की फिटनेस जांच करवा ली, लेकिन कुछ संस्थानों ने अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया। इनमें ऐसी बसें भी शामिल हैं जिनकी फिटनेस खत्म हुए छह महीने से ज्यादा समय हो चुका है। ऐसे मामलों में अब परिवहन विभाग ने उनकी आरसी निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संबंधित स्कूलों को इस संबंध में दोबारा सूचना भी दे दी गई है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है मामला परिवहन विभाग का कहना है कि स्कूल बसों की फिटनेस केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा जरूरी नियम है। फिटनेस जांच के दौरान बस की ब्रेक, स्टीयरिंग, टायर, लाइट, इमरजेंसी गेट और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की जाती है। यदि बिना फिटनेस के कोई बस सड़क पर चलती है और उसके साथ कोई हादसा हो जाता है, तो बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है। इसी वजह से विभाग अब ऐसे मामलों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता और नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इन संस्थानों की बसें कार्रवाई के दायरे में जिन संस्थानों की बसों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है, उनमें टैलेंट एजुकेशन सोसाइटी, निकुंभ, दिव्यांश शिक्षण समिति, पटेल शिक्षा सेवा समिति, हैप्पी पब्लिक स्कूल, बिरला शिक्षा केंद्र, श्री दयाल शिक्षण सेवा संस्थान की दो बसें, गीता शिक्षण संस्थान की दो बसें, सरस्वती विद्या विहार, विवेकानंद शिक्षा प्रसार समिति और न्यू कस्तूरबा शिक्षण संस्थान शामिल हैं। विभाग का कहना है कि जिन स्कूलों की बसों की फिटनेस समय पर नहीं करवाई जाएगी, उनके खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने सभी स्कूल संचालकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपनी बसों की फिटनेस समय पर करवाएं, ताकि किसी तरह की दुर्घटना या कानूनी कार्रवाई की नौबत न आए।



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