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खगड़िया में 'सेवा, संकल्प एवं समर्पण के 100 दिन पूरे:कलेक्ट्रेट में कार्यक्रम,डीएम ने आंगनवाड़ी सेविकाओं को सम्मानित किया




खगड़िया में बिहार सरकार के ‘सेवा, संकल्प एवं समर्पण के 100 दिन’ पूरे होने पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शनिवार को समाहरणालय परिसर में हुआ, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने की। इस अवसर पर ‘विकसित भारत–समृद्ध बिहार’ के संकल्प को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… पात्र लाभार्थियों को भूमि स्वामित्व के पर्चे दिए कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए की। इसके उपरांत, राजस्व विभाग ने पात्र लाभार्थियों को भूमि स्वामित्व संबंधी पर्चे वितरित किए। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मरीजों को पोषण सहायता के लिए फूड बास्केट प्रदान किए। वहीं, आईसीडीएस (एकीकृत बाल विकास सेवा) ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी सेविकाओं और पर्यवेक्षिकाओं को सम्मानित किया। नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र शिक्षा विभाग ने नीट परीक्षा में सफल होकर जिले का नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान मूक-बधिर विद्यालय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के अधीक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, जीविका दीदियों, उत्कृष्ट उद्यमियों, स्वच्छता कर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों, संविदा कर्मियों और जिलाधिकारी के वाहन चालक सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई अन्य लोगों को भी प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन करना नहीं है, बल्कि हर पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उनका लाभ पहुंचाना है। उन्होंने सभी सम्मानित व्यक्तियों से जनहित और विकास कार्यों में भविष्य में भी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने जिले के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों से ‘निक्षय मित्र’ बनकर टीबी मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि सामुदायिक सहभागिता से टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सकता है। उन्होंने ‘परवरिश योजना’ का भी उल्लेख किया। इसके तहत अनाथ, एचआईवी प्रभावित परिवारों के बच्चों और न्यायिक हिरासत में बंद माता-पिता के बच्चों को चिन्हित कर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों और सामाजिक संगठनों से ऐसे बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहयोग करने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, लाभार्थी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।



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