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Diabetes Sexual Health Impact; Erectile Dysfunction Risk


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6 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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डायबिटीज सिर्फ शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है। अगर यह लंबे समय तक अनियंत्रित रहे तो शरीर के लगभग हर अंग पर असर डाल सकती है। इसका एक असर ऐसा भी है, जिसके बारे में लोग खुलकर बात नहीं करते। वो है सेक्शुअल हेल्थ।

अनियंत्रित ब्लड शुगर शरीर की नसों, ब्लड वेसल्स और हॉर्मोन्स को प्रभावित करती है। इससे पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) और महिलाओं में सेक्स ड्राइव कम होने जैसी यौन समस्याएं हो सकती हैं।

अच्छी बात यह है कि समय रहते ब्लड शुगर कंट्रोल करके और सही इलाज लेकर इन समस्याओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में समझेंगे कि डायबिटीज सेक्शुअल लाइफ को कैसे प्रभावित करती है। साथ ही जानेंगे कि-

  • क्या डायबिटीज कंट्रोल करके ये प्रॉब्लम ठीक की जा सकती है?
  • डायबिटीज में ये समस्याएं होने पर किस डॉक्टर को दिखाएं?

एक्सपर्ट-

डॉ. अली शेर, डायबिटोलॉजिस्ट, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली

डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लिनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’

सवाल- लंबे समय तक ब्लड शुगर हाई रहने से क्या हेल्थ रिस्क हो सकते हैं?

जवाब- ब्लड शुगर हाई रहने पर कई बॉडी ऑर्गन्स को नुकसान हो सकता है। इसके कारण पैदा होने वाले सभी हेल्थ रिस्क नीचे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- डायबिटीज के कारण सेक्शुअल हेल्थ पर क्या असर होता है?

जवाब- अनकंट्रोल्ड डायबिटीज शरीर की नसों, ब्लड वेसल्स और हॉर्मोन्स को नुकसान पहुंचा सकती है। ये तीनों ही चीजें सामान्य सेक्शुअल फंक्शन के लिए बहुत जरूरी हैं। इसलिए डायबिटीज के कारण पुरुषों और महिलाओं, दोनों में सेक्शुअल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। डिटेल नीचे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- डायबिटिक लोगों को इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) का रिस्क क्यों बढ़ जाता है?

जवाब- इरेक्शन के लिए ब्लड वेसल्स, नर्व्स और हॉर्मोन, तीनों की सही फंक्शनिंग जरूरी है। लंबे समय तक ब्लड शुगर हाई रहने से ये तीनों प्रभावित होते हैं।

इसे पॉइंटर्स से समझते हैं-

  • हाई ब्लड शुगर से ब्लड वेसल्स डैमेज होती हैं।
  • इससे पर्याप्त ब्लड फ्लो नहीं हो पाता, जो इरेक्शन के लिए जरूरी है।
  • हाई ब्लड शुगर से नर्व्स डैमेज हो सकती हैं।
  • इससे सेक्शुअल अराउजल के संकेत ब्रेन और जेनिटल्स तक नहीं पहुंच पाते।
  • डायबिटीज के कारण नाइट्रिक ऑक्साइड की कमी हो सकती है। यह केमिकल इरेक्शन के लिए बेहद जरूरी है।
  • इसकी कमी से ब्लड वेसल्स पर्याप्त नहीं फैल पातीं।

सवाल- क्या डायबिटीज के कारण लिबिडो (सेक्स ड्राइव) कम हो सकता है?

जवाब- हां, इससे लिबिडो कम हो सकता है। इसकी 5 मुख्य वजहें होती हैं-

1. हॉर्मोनल बदलाव

  • टेस्टोस्टेरोन लेवल कम हो सकता है।
  • इसके कारण लिबिडो, एनर्जी और मूड प्रभावित हो सकता है।

2. लगातार थकान

  • ब्लड शुगर हाई रहने से थकान और कमजोरी हो सकती है।
  • इससे स्वाभाविक रूप से लिबिडो कम हो जाता है।

3. इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED)

  • बार-बार इरेक्शन न होने से आत्मविश्वास कम हो सकता है।
  • इसके कारण लिबिडो प्रभावित हो सकता है।

4. मेंटल हेल्थ पर असर

  • डायबिटीज के साथ स्ट्रेस, एंग्जाइटी और डिप्रेशन बढ़ सकता है।
  • ये कंडीशंस सेक्स ड्राइव कम कर सकती हैं।

5. नर्व्स और ब्लड फ्लो पर प्रभाव

  • अनकंट्रोल्ड डायबिटीज नर्व्स और ब्लड वेसल्स को डैमेज कर सकती है।
  • इससे एक्साइटमेंट और ऑर्गज्म प्रभावित हो सकता है।

सवाल- क्या डायबिटीज के कारण पुरुषों की फर्टिलिटी भी प्रभावित हो सकती है?

जवाब- हां, डायबिटीज कंट्रोल न हो तो पुरुषों की फर्टिलिटी पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हाई ब्लड शुगर से ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है। इससे स्पर्म काउंट और मोटिलिटी (गतिशीलता) प्रभावित हो सकती है। हाई इंसुलिन का बुरा प्रभाव स्पर्म प्रोडक्शन और सेक्स ड्राइव, दोनों पर पड़ता है।

सवाल- डायबिटीज महिलाओं की सेक्शुअल हेल्थ को कैसे प्रभावित करती है?

जवाब- अगर ब्लड शुगर लंबे समय तक अनकंट्रोल्ड रहे तो इससे सेहत पर फिजिकल, हॉर्मोनल और मेंटल तीनों लेवल पर असर पड़ता है। इसके कारण ये कंडीशंस बन सकती हैं-

  • वेजाइनल ड्राइनेस
  • लिबिडो में कमी
  • अराउजल में मुश्किल
  • ऑर्गेज्म में मुश्किल
  • सेक्स में असहजता
  • इन्फेक्शन का रिस्क

सवाल- डायबिटीज का महिलाओं की फर्टिलिटी पर क्या प्रभाव पड़ता है?

जवाब- डायबिटीज के कारण महिलाओं की फर्टिलिटी कई तरह से प्रभावित हो सकती है। जैसेकि-

ओव्यूलेशन में गड़बड़ी

अनकंट्रोल्ड ब्लड शुगर हॉर्मोनल बैलेंस को प्रभावित कर सकती है।

मेंस्ट्रुअल साइकल में बदलाव

इसके कारण पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।

इंसुलिन रेजिस्टेंस

टाइप 2 डायबिटीज में इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण फर्टिलिटी प्रभावित हो सकती है।

सवाल- डायबिटीज के अलावा और किन कारणों से सेक्शुअल हेल्थ प्रभावित होती है?

जवाब- कई फिजिकल, मेंटल और लाइफस्टाइल प्रॉब्लम्स के कारण सेक्शुअल हेल्थ प्रभावित हो सकती है। ये सभी संभावित रिस्क फैक्टर्स हैं-

सवाल- क्या ब्लड शुगर कंट्रोल से सेक्शुअल हेल्थ ठीक हो सकती है?

जवाब- हां, अगर इसकी प्राइमरी वजह ब्लड शुगर है तो शुगर कंट्रोल करने से सुधार हो सकता है। हालांकि, सुधार इस बात पर निर्भर करता है कि-

  • डायबिटीज कितने समय से है।
  • ब्लड शुगर कितने समय तक अनकंट्रोल्ड रहा है।
  • नर्व्स या ब्लड वेसल्स को कितना नुकसान हुआ है।
  • क्या स्ट्रेस, हॉर्मोनल प्रॉब्लम और हाई ब्लड प्रेशर भी वजहें हैं।

सवाल- डायबिटीज से जुड़ी सेक्शुअल प्रॉब्लम्स होने पर किस मेडिकल एक्सपर्ट को दिखाना चाहिए?

जवाब- सबसे पहले एंडोक्रोनोलॉजिस्ट या डायबिटोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए, ताकि ब्लड शुगर कंट्रोल में रहे।

  • महिलाओं को वेजाइनल ड्राइनेस, असहजता, लिबिडो में कमी या फर्टिलिटी प्रॉब्लम्स के लिए गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना चाहिए।
  • पुरुषों को फर्टिलिटी प्रॉब्लम्स होने पर यूरोलॉजिस्ट या एंड्रोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना चाहिए।

सवाल- ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए डाइट में क्या बदलाव करने चाहिए?

जवाब- इसके लिए डाइट में ये जरूरी बदलाव करने चाहिए–

  • फाइबर से भरपूर भोजन करें। इससे ब्लड शुगर तेजी से स्पाइक नहीं करता है।
  • मौसमी फल खाएं, जूस पीने की बजाय पूरा फल खाना बेहतर है।
  • लंबे समय तक भूखे न रहें, पर्याप्त पानी पिएं।

ग्राफिक में ब्लड शुगर कंट्रोल करने की कंप्लीट डाइट देखिए-

सवाल- ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करने चाहिए?

जवाब- इसके लिए लाइफस्टाइल में ये जरूरी बदलाव करें-

  • सप्ताह में कम-से-कम 150 मिनट मीडियम से मॉडरेट एक्सरसाइज करें।
  • फिजिकली एक्टिव रहें, किसी एक जगह पर देर तक न बैठें।
  • हर 30-60 मिनट में ब्रेक लेकर थोड़ा चलें-फिरें।
  • हेल्दी वेट मेंटेन रखें।
  • रोज 7-9 घंटे की क्वालिटी नींद लें।
  • स्ट्रेस कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।
  • स्मोकिंग और तंबाकू से बचें। शराब न पिएं।
  • रेगुलर ब्लड शुगर मॉनिटर करें और डॉक्टर की दी सभी दवाएं समय पर लें।
  • रेगुलर हेल्थ चेकअप करवाते रहें।

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