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सागर के बालाजी मंदिर परिसर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संत रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में ‘मां राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन’ का आयोजन किया जा रहा है। इस महाअनुष्ठान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अनुष्ठान शाम छह बजे से शुरू होगा। पूरा परिसर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सजकर तैयार है। आयोजन स्थल को 31 हजार कलश और 15 हजार पूजन थालियों से सजाया गया है। विशाल परिसर में करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के बैठने, पूजन और दर्शन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा प्रवेश द्वार, आकर्षक सजावट, पेयजल, प्रसाद वितरण, चिकित्सा, सुरक्षा और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इससे पहले रावतपुरा सरकार महाराज ने स्वयं आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने आयोजन समितियों, वेदाचार्यों और स्वयंसेवकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सहज और सुरक्षित वातावरण में दर्शन व पूजन का लाभ मिल सके। 1100 विद्वान करेंगे वैदिक मंत्रों का उच्चारण अनुष्ठान में करीब 1100 विद्वान पंडित वैदिक मंत्रों का उच्चारण करेंगे। कार्यक्रम में 100 क्विंटल हल्दी, सवा लाख बूंदी लड्डू, 11 टन आम, 11 टन केला, 15 हजार नारियल, 11 हजार साड़ियां, 1100 चांदी के सिक्के, 1100 सोने के सिक्के, 11 हजार चुनरी, 11 क्विंटल बताशे, 2 लाख पान, 11 क्विंटल किशमिश, 5 क्विंटल पेठा और 11 हजार कमल के फूलों समेत अन्य पूजन सामग्री उपयोग में लाई जाएगी। ये सभी सामग्रियां देश के अलग-अलग राज्यों से मंगवाई जा रही हैं। यह कार्यक्रम पूरी तरह नि:शुल्क है और इसके लिए किसी पंजीयन की आवश्यकता नहीं है।
आयोजन में शामिल होने इन नियमों का करना होगा पालन
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बालाजी मंदिर में दिखेगा भक्ति का भव्य स्वरूप:रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में होगा मां राजराजेश्वरी पूजन;31 हजार कलश,15 हजार थालियों से सजा परिसर
