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कोटा कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने की कोशिश:पार्टी नियम नहीं मानने वाले नेता पद से हटेंगे, जिला प्रभारी बोले-कोई कितना ही बड़ा हो, पार्टी एक्शन लेगी




कांग्रेस पार्टी के निर्देश और कार्यक्रम के हिसाब से नहीं चलते वाले नेताओं के खिलाफ अब पार्टी एक्शन लेने की तैयारी कर रही है। चाहे मीटिंग हो या कोई प्रदर्शन अगर पार्टी का कॉल है और कोई नेता पार्टी के अनुशासन के अनुसार नहीं चल रहा है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। कांग्रेस पार्टी के कोटा जिला प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने कहा कि कोई कितना बड़ा नेता हो, किसी भी पद पर हो। अगर पार्टी के किसी भी आंदोलन या मीटिंग में नहीं आता है तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। भारद्वाज ने कार्यकर्ताओं से भी कहा कि पार्टी के लिए मेहनत करना जरूरी है। आगामी चुनावों में कांग्रेस फिर सत्ता में आ रही है, ऐसे में पार्टी को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ता और नेताओं को काम करना पडे़गा। ऐसा नहीं है कि जब संघर्ष का समय हो तो पार्टी के साथ न आओ और सत्ता आने पर सुख लो। धरना-प्रदर्शन में नहीं आने वाले पद से हटेंगे उन्होंने कहा कि लगातार तीन मीटिंग या धरना प्रदर्शन में नहीं आने वाले नेता कार्यकर्ता जो किसी भी पद पर होंगे उन्हें पद से हटाया जाएगा। अगर कोई पारिवारिक कारण है या फिर वह कोटा से बाहर हैं तो अलग बात है लेकिन पार्टी लाइन से अलग चलकर खुद के प्रदर्शन करने वाले या मीटिंग करने वालों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी से खुद को बड़ा समझने वाले नेताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुष्पेंद्र भारद्वाज ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश स्तर पर लिया गया है। कोटा कांग्रेस में गुटबाजी कोटा में कांग्रेस मे गुटबाजी बडे लेवल पर है। भले ही पदाधिकारी इस बात को न सीधे तौर पर न माने, लेकिन कोटा में कांग्रेस नेता अलग अलग अपने कार्यक्रम रखते है। जिलाध्यक्ष राखी गौतम की ओर से पार्टी की तरफ से निर्धारित प्रदर्शन या मीटिंग में दूसरे नेता नजर नहीं आते। वहीं कांग्रेस के दूसरे नेता प्रहलाद गुंजल जो बीजेपी से कांग्रेस में आए हैं, वह अपने अलग कार्यक्रम रखते हैं। इसके अलावा विधायक शांति धारीवाल और गुंजल गुट की आपस में नहीं बनती है।



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