देवास में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार सुबह श्री शिलनाथ धुनी संस्थान, मल्हार धूनी परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। गुरु पूर्णिमा महोत्सव और संस्थान का स्थापना दिवस धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ मनाया गया।
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सुबह से ही बड़ी संख्या में गुरु भक्त और श्रद्धालु संस्थान परिसर पहुंचे। भक्तों ने सतगुरुदेव का पूजन-अभिषेक कर आशीर्वाद लिया और सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे परिसर में भजन-कीर्तन और गुरु जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।
महोत्सव की शुरुआत सुबह विशेष पूजन और अभिषेक के साथ हुई। इसके बाद धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। सुबह 9:30 बजे महाआरती हुई, जिसमें संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं और गुरु भक्तों ने शामिल होकर गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

मल्हार धूनी परिसर में भक्तों ने गुरु पूजन किया।
गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संदेश
श्री मल्हार धूनी संस्थान के प्रबंधक दिलीप शर्मा ने बताया कि गुरु पूर्णिमा का पर्व हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन भक्त अपने गुरु के चरणों में नमन कर जीवन में ज्ञान, शांति और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति को सही दिशा दिखाता है और जीवन में संस्कारों का महत्व समझाता है।
ट्रस्ट पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में श्री मल्हार धूनी संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष अजीत भल्ला सहित ट्रस्टी भगवानसिंह चावड़ा, राजेंद्र महंत, महेंद्रसिंह पडियार और पंडित गिरीशचंद्र चौधरी मौजूद रहे। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और गुरु परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी से गुरु के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
गुरु पूर्णिमा के आयोजन के दौरान पूरे परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और भक्तों ने दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।
