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विशाल ददलानी ने सोशल मीडिया पर जेन-जी प्रदर्शन का समर्थन किया है। हाल ही में भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट ने छात्रों की भाषा शैली और सोशल मीडिया रील को ‘उल्टी आने जैसा’ बताया था। इसके जवाब में विशाल ददलानी ने कहा कि छात्रों की भाषा पर सवाल उठाने से पहले यह देखना चाहिए कि उनके साथ सड़क पर कैसा बर्ताव किया गया। विशाल ने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं, आंसू गैस के गोले दागे गए और पत्थरबाजी की गई। ‘आपने बच्चों को सड़क पर पीटा, तो गालियां ही मिलेंगी’
विशाल ददलानी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक सख्त पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने लिखा, “खराब भाषा!? आपने सड़क पर बच्चों को पीटा। उन पर पत्थर फेंके और आरोप भी उन्हीं पर लगा दिया। उन पर गोलियां चलाईं, आंसू गैस के गोले छोड़े और पेलेट गन का इस्तेमाल किया। आपके भाड़े के गुंडे अभी भी उन्हें डरा रहे हैं और पीट रहे हैं। आपने ये गालियां खुद कमाई हैं मेरे दोस्त।” विशाल ने अपने पोस्ट में हंसने वाला इमोजी लगाकर तंज भी कसा। पेड कैंपेन और इन्फ्लुएंसर पर उठाए सवाल
विशाल ददलानी ने युवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे कैंपेन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ माहौल बनाने के लिए पेड स्टोरी और इन्फ्लुएंसर के जरिए कैंपेन चलाए जा रहे हैं। विशाल के मुताबिक, इस तरह की हरकतों से अपनी बात सही साबित करने की कोशिश करना और ज्यादा दयनीय लगता है। विशाल से पहले कई अन्य हस्तियों ने भी छात्रों के साथ हुए पुलिस बर्ताव पर सवाल उठाए थे। कंगना ने नई जनरेशन की महिलाओं को कहा- गटर छाप इससे पहले सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने नई पीढ़ी की भारतीय महिलाओं को गटर कहा। कंगना का कहना है कि ये महिलाएं स्वतंत्र महिलाओं की नकल उतारते हुए नशे करने, शराब पीने और अनगिनत आदमियों से यौन संबंध बनाने को स्वतंत्रता कहती हैं। कंगना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से लिखा है, ‘सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभाना चाहतीं। असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।’ आगे कंगना ने लिखा, ‘आज तथाकथित वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है। मैं इन्हें ‘गटर जेनरेशन’ कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं।’ ‘इसके बावजूद वे अपनी तथाकथित आजादी का दिखावा करती हैं, नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी याद दिला दूं, आजाद जीवन कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, ‘गटर छाप’।’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर कहा था- कैसी परवरिश हो रही है भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने सोमवार को स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर भी विवादित राय दी और नई जनरेशन की परवरिश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया से लिखा, ‘अपनी पूरी जिंदगी में मैंने कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। Gen Z के विरोध-प्रदर्शनों की ये रीलें देखकर घिन आती है। इन लोगों के बोलने का तरीका और जिस भाषा का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। हर फ्रेम इतना अजीब और परेशान करने वाला है कि देखकर घिन होती है। आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है?’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ भी दिए कई बयान कंगना रनोट ने सोशल मीडिया के जरिए स्टूडेंट प्रोटेस्ट का जमकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि किसी को पद से हटाने या रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाना गलत है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मुद्दों पर बहस के लिए संसद सही जगह है, न कि आंदोलन। कंगना ने कहा था की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। दरअसल दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्रों की मांगों के समर्थन में कई दिनों से प्रदर्शन कर रही है। इसके बाद जब प्रोटेस्ट खत्म हुआ तो कंगना ने प्रदर्शनकारियों की भाषा की आलोचना की। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ विवाद
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले नीट-यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। संसद की तरफ मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। पुलिस के बल प्रयोग के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए थे। कंगना ने इन वीडियो में इस्तेमाल भाषा पर निशाना साधा था, जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स और बॉलीवुड हस्तियों ने कंगना के बयान का विरोध किया और छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई।
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कंगना के बयान पर भड़के विशाल ददलानी:बोले- सड़क पर बच्चों को पीटा और आंसू गैस छोड़ी, तो गालियां ही मिलेंगी
