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लंदन की ताया रीड (23) को एक फैशन ब्रांड में मार्केटिंग जॉब के लिए इंटरव्यू देना था। उन्होंने सिर्फ संभावित सवालों के जवाब की तैयारी नहीं की, यह भी सोचा कि पहनना क्या है। इंटरव्यू में वह ऑल-वाइट आउटफिट में पहुंचीं। मसलन मैक्सी स्कर्ट, वेस्ट और बैले फ्लैट्स के साथ, बिल्कुल ‘गर्ली और समरी’ लुक में। रीड कहती हैं, ‘आउटफिट्स एक अच्छा कन्वर्सेशन स्टार्टर होते हैं। मैं दिखाना चाहती थी कि कंपनी की कल्चर में फिट बैठती हूं।’ यह तरीका काम आया और पिछले महीने उन्हें नौकरी मिल गई। बीबीसी वर्ल्ड की रिपोर्ट कहती है कि बात सिर्फ रीड की नहीं है। पश्चिमी देशों में युवा बेरोजगारी की दर ऊंची है। ऐसे में हर युवा इंटरव्यू में अलग दिखने के तरीके तलाश रहा है। रिसर्च बताती है कि सिर्फ काबिलियत नहीं, कपड़े भी मायने रखते हैं। एक यूके स्टडी में 51% एम्प्लॉयर्स ने माना कि उन्होंने किसी उम्मीदवार को सिर्फ लुक की वजह से रिजेक्ट किया- कभी अस्त-व्यस्त कपड़ों की वजह से, तो कभी बालों के खराब रंग के कारण। बफेलो यूनिवर्सिटी में ह्यूमन रिसोर्सेज की प्रोफेसर मिन-सुआन टू के मुताबिक इंटरव्यू शुरू होने से पहले ही कैंडिडेट के साथ नाइंसाफी हो सकती है। अच्छे दिखने वाले लोगों को नौकरी जल्दी मिलती है, क्योंकि लोग खूबसूरती को भरोसे और समझदारी से जोड़ते हैं। सिर्फ अच्छा चेहरा ही नहीं, कपड़े और मेकअप भी उतने ही जरूरी हैं। लंदन की मैट कोहेन (31) ने भी यही रणनीति अपनाई। करीब एक साल तलाश के बाद उन्हें एक मीडिया कंपनी में एंट्री-लेवल जॉब मिली। दफ्तर में लोग टी-शर्ट पहनते थे, फिर भी कोहेन ने इंटरव्यू के लिए बटन-डाउन शर्ट चुनी और दाढ़ी करवाई। वह कहते हैं, ‘मैं प्रोफेशनल दिखना चाहता था।’ पहनावा संकेत देता है कि आप मौके को गंभीरता से ले रहे लंदन की करियर कोच कैरोलिन हिकी, जिन्होंने रीड और कोहेन दोनों को गाइड किया, कहती हैं कि प्रतिस्पर्धी जॉब मार्केट में दिखावा असर छोड़ता है। उनके मुताबिक तैयार होकर आना इंटरव्यूअर को अनकहा संकेत देता है कि आप मौके को गंभीरता से ले रहे हैं। इससे इंटरव्यूअर के लिए यह इमेजिन करना आसान हो जाता है कि आप उनके ऑफिस या क्लाइंट के सामने कैसे नजर आएंगे। हिकी कहती हैं, ‘खुद को अच्छा दिखता देखना कॉन्फिडेंस बढ़ा देता है।’
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ब्रिटेन में 51% कैंडिडेट लुक की वजह से रिजेक्ट:सीवी और जवाब सही, फिर भी नौकरी नहीं; पहनावा भी हो सकता है कारण
