![]()
बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में आज बठिंडा में पंजाब बंद का आंशिक असर देखने को मिला। वाल्मीकि समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों के आह्वान पर बुलाए गए इस बंद के दौरान कुछ बाजारों में दुकानें बंद रहीं, जबकि कई अन्य खुले रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक बाजारों को बंद रखने का आह्वान किया गया था। सफाई कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कुछ दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिरा दिए। प्रदर्शनकारियों ने सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा व्यक्त किया और डीएसपी का पुतला फूंका। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले पर जवाब मांगा। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कर्मचारी वीर भान और विक्की ने बरनाला में हुए लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी सुबह लगभग पांच बजे से शहर की सफाई करते हैं और कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में भी अपनी जान जोखिम में डालकर शहर को स्वच्छ रखते हैं। ऐसे मेहनती कर्मचारियों पर लाठीचार्ज करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। कर्मचारियों ने राज्य सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री भगवंत मान के रवैये को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में बड़े आंदोलनों के बावजूद, मुख्यमंत्री की ओर से इस मामले पर अब तक कोई संवेदनशील प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि सफाई कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों के लिए है। सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उन्हें स्थायी नहीं करती, आने वाले दिनों में और भी तीखे संघर्ष किए जाएंगे।
Source link
