दिल्ली में सांसद दीपेंद्र हुड्डा से मिलते हुए UPSC अभ्यर्थी।
UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने परीक्षा प्रक्रिय
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दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से युवाओं का विश्वास लगातार कमजोर हुआ है। उनका आरोप था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों ने प्रतिभाशाली युवाओं को निराश किया है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर युवाओं का बड़ा आंदोलन इस बात का संकेत है कि वे शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं की मांग केवल पेपर लीक या नकल रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की भी है। उनका कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करना ही युवाओं का भरोसा वापस ला सकता है।

अभ्यर्थियों ने उठाए ये प्रमुख मुद्दे
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि UPSC CSE 2026 की प्रोविजनल आंसर-की में 26 उत्तर विवादित हैं। इनमें सामान्य अध्ययन (GS-I) के 14 और CSAT (GS-II) के 12 प्रश्न शामिल हैं। उनका आरोप था कि CSAT प्रश्नपत्र निर्धारित UPSC पाठ्यक्रम के अनुरूप नहीं था, जिससे विशेषकर ग्रामीण और गैर-विज्ञान पृष्ठभूमि के अभ्यर्थियों को नुकसान हुआ। प्रतिनिधिमंडल में सोनाक्षी यादव, श्वेता, बसंत कुमार, अंकुश, सोमेश और सूरज सहित कई UPSC अभ्यर्थी शामिल रहे। दीपेंद्र हुड्डा ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे उनकी मांगों और मुद्दों को हर स्तर पर उठाते रहेंगे।

दिल्ली में सांसद दीपेंद्र हुड्डा को अपना मांगपत्र सौंपते हुए UPSC अभ्यर्थी।
