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मंडी में 15 क्विंटल मूली नाले में फेंकी:वीडियो वायरल होने पर 5 घंटे में खुली थलटूखोड़-मढ़ सड़क,भूस्खलन से 5 दिन से बंद था मार्ग




मंडी जिले की प्रसिद्ध चौहारघाटी की थलटूखोड़-मढ़ मुख्य सड़क आखिरकार गुरुवार दोपहर करीब 3:00 बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दी गई। भूस्खलन (Landslide) के कारण कई दिनों से बंद पड़ी इस सड़क की वजह से स्थानीय किसानों की तैयार सब्जियां मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही थीं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। सड़क अवरुद्ध रहने से स्थिति इस कदर खराब हो गई कि झुकाण गांव के किसानों को अपनी मेहनत से उगाई लगभग 15 क्विंटल मूली नाले में बहाने के लिए मजबूर होना पड़ा। जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, तो लोक निर्माण विभाग (PWD) तुरंत हरकत में आया। जोखिम उठाकर दो JCB से हटाया गया मलबा लोक निर्माण विभाग ने गुरुवार सुबह ही मौके पर दो जेसीबी (JCB) मशीनें तैनात कर मलबा हटाने का काम शुरू किया। पहाड़ी से लगातार गिरते पत्थरों और बोल्डरों के खतरे के बीच कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर में सड़क को यातायात के लिए बहाल कराया। किसानों का दर्द: गोभी की गुणवत्ता खराब, नहीं मिलेंगे उचित दाम पीड़ित किसानों का कहना है कि सड़क बंद होने से केवल मूली ही बर्बाद नहीं हुई, बल्कि गोभी की फसल को भी किसान पीठ पर लादकर दूर-दूर तक पैदल मुख्य मार्ग तक पहुंचाते रहे। इसमें काफी समय बर्बाद हुआ, जिससे गोभी की ताजगी और गुणवत्ता प्रभावित हो गई और अब उन्हें बाजार में वाजिब दाम मिलने की आस भी टूट चुकी है। किसानों ने कहा कि सब्जी की खेती में भारी लागत आती है, लेकिन समय पर मंडियों तक न पहुंचने से उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है। अतिरिक्त मशीनरी लगाकर बहाल किया मार्ग लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता भगत राम यादव ने बताया कि भूस्खलन वाले पॉइंट पर पहाड़ी से लगातार पत्थर दरक रहे थे, जिससे मलबा हटाना काफी जोखिम भरा था। इसके बावजूद विभाग ने अतिरिक्त मशीनरी लगाकर मुस्तैदी से काम किया और मार्ग को यातायात के लिए सुरक्षित तरीके से खोल दिया है। संवेदनशील सड़कों पर स्थायी JCB की मांग सड़क खुलने से ग्रामीणों और किसानों ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन उनका कहना है कि यदि विभाग यह कदम दो दिन पहले उठा लेता तो किसानों का इतना बड़ा नुकसान न होता। किसानों ने मांग उठाई है कि बरसात के इस मौसम में पहाड़ी और संवेदनशील मार्गों पर विभाग पहले से ही पर्याप्त मशीनरी तैनात रखे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सड़कें सिर्फ आने-जाने का जरिया नहीं, बल्कि किसानों की आजीविका की मुख्य डोर हैं।



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