![]()
यमुनानगर शहर के विश्वकर्मा चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर भारतीय किसान यूनियन का धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। किसानों ने बैंक के मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरना जारी रखा, जिसके कारण बैंक का कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। बैंक में अपने जरूरी काम से पहुंचे ग्राहकों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा। किसी को इमरजेंसी में अपने रिश्तेदार को पैसे भेजने थे तो किसी की बैंक ट्रांजेक्शन बंद होने के कारण वह उसे चालू नहीं करवा सका। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि जब तक 77 वर्षीय किसान मोहन सिंह के होम लोन का मानवीय आधार पर समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो बडे स्तर पर आंदोलन कर सड़क तक जाम की जाएगी। इमरजेंसी में पैसे भेजने आए, लेकिन बैंक मिला बंद कैंप कॉलोनी निवासी मंगत राम ने बताया कि उनके रिश्तेदार राजस्थान में रहते हैं और उन्हें किसी जरूरी काम के लिए तुरंत पैसों की आवश्यकता थी। वह उनके खाते में रुपये जमा कराने के लिए पंजाब नेशनल बैंक पहुंचे थे, लेकिन बैंक के बाहर किसान धरने पर बैठे मिले और मुख्य गेट बंद था। ऐसे में उन्हें बिना पैसे जमा कराए ही लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि रिश्तेदार तक समय पर पैसे कैसे पहुंचाएं। रुपये निकालने आई महिला भी लौटी निराश कैंप निवासी चीनू ने बताया कि उनके बैंक खाते की ट्रांजेक्शन बंद हो गई है। इसे शुरू करवाने के लिए वह सोमवार को भी बैंक आई थीं और मंगलवार को दोबारा पहुंचीं, लेकिन दोनों दिन बैंक बंद मिला। उन्होंने कहा कि ट्रांजेक्शन बंद होने से उन्हें रोजमर्रा के कई जरूरी कामों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जोड़ियां निवासी कमलेश ने बताया कि उन्हें किसी जरूरी काम के लिए बैंक से नकदी निकालनी थी। बैंक पहुंचने पर पता चला कि धरने के कारण गेट बंद है और कोई काम नहीं हो रहा। मजबूरी में उन्हें भी बिना पैसे निकाले वापस लौटना पड़ा। मोहन सिंह के लिए आंदोलन पर अड़े किसान भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि जम्मू कॉलोनी निवासी 77 वर्षीय किसान मोहन सिंह के बेटे ने पंजाब नेशनल बैंक से करीब 10 लाख रुपये का होम लोन लिया था। बेटे की मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया। मोहन सिंह के दोनों बेटों का निधन हो चुका है और परिवार की आय का कोई स्थायी साधन नहीं बचा है। इसके बावजूद उन्होंने करीब साढ़े चार लाख रुपये बैंक में जमा कराए, लेकिन अब शेष राशि चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर का आरोप है कि बैंक लगातार रिकवरी का दबाव बना रहा है और बार-बार नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि बैंक प्रबंधन यदि मानवीय आधार पर लोन का सेटलमेंट नहीं करता, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और सड़क तक जाम की जाएगी।
Source link
यमुनानगर में बैंक पर किसानों का धरना जारी:बैंक बंद होने से ग्राहकों की बढ़ी परेशानी; खाली हाथ लौटे रहे, किसानों ने दी जाम की चेतावनी
