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कैमूर जिले के नियोजित शिक्षकों को मार्च से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उनके सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मोहनिया प्रखंड के राजकीय कृत मध्य विद्यालय, भरखर सहित पूरे जिले के शिक्षकों की यही स्थिति है। राजकीय कृत मध्य विद्यालय, भरखर के शिक्षक अमिताभ पंकज ने बताया कि कई महीनों से वेतन बकाया होने के कारण उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दूध और राशन का बकाया बढ़ गया है, बच्चों की स्कूल फीस और मकान का किराया देना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा, “मकान मालिक अब घर खाली करने की धमकी दे रहे हैं।” शिक्षकों का आरोप है कि कार्यालय जाने पर अधिकारी बजट या ‘अलॉटमेंट’ की कमी का हवाला देते हैं, जबकि अन्य श्रेणी के शिक्षकों को समय पर भुगतान मिल रहा है। जिला प्रशासन बता रहे फंड की कमी शिक्षकों के अनुसार, राज्य सरकार अलॉटमेंट भेजने का दावा करती है, जबकि जिला प्रशासन फंड की कमी बताता है। इस स्थिति में, शिक्षक अपना खर्च चलाने के लिए रिश्तेदारों और साथी शिक्षकों से कर्ज लेने को मजबूर हैं। विद्यालय की शिक्षिका कुमारी सुशीला आर्या ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे अन्य नियमित शिक्षकों की तरह ही पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभा रही हैं। उनका सवाल है कि जब कार्य में कोई कमी नहीं है, तो वेतन के मामले में यह भेदभाव क्यों? सुशीला आर्या ने बताया कि उन्हें दैनिक खर्चों का प्रबंधन करना मुश्किल हो रहा है। शिक्षक सरकार और संबंधित विभाग से अपने बकाए वेतन का तत्काल भुगतान करने की मांग कर रहे हैं।
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कैमूर के नियोजित शिक्षकों को मार्च से वेतन नहीं:मकान मालिक घर खाली करने की दे रहे धमकी, आर्थिक संकट से परेशान टीचर
