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शाहजहांपुर में भ्रूण लिंग परीक्षण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने घोषणा की है कि अब अल्ट्रासाउंड मशीनें केवल संबंधित पंजीकृत चिकित्सक के फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक सत्यापन) से ही संचालित होंगी। जिलाधिकारी ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर चिकित्सकों की अनुपस्थिति में अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा जांच किए जाने और भ्रूण लिंग जांच संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लिया है। इसी क्रम में, उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा के साथ सदर बाजार स्थित चौधरी डायग्नोस्टिक सेंटर का निरीक्षण किया। नई तकनीकी व्यवस्था के तहत, अल्ट्रासाउंड मशीनें केवल पंजीकृत चिकित्सक के बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही शुरू होंगी। चिकित्सक की अनुपस्थिति में मशीन किसी भी स्थिति में संचालित नहीं हो सकेगी, जिससे अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा अल्ट्रासाउंड किए जाने पर प्रभावी रोक लगेगी। इस तकनीक से मशीन के संचालन का पूरा रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा। इससे प्रत्येक अल्ट्रासाउंड की जानकारी उपलब्ध रहेगी और किसी भी शिकायत की स्थिति में उसका सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। यह भ्रूण लिंग जांच जैसे अवैध कृत्यों पर नियंत्रण स्थापित करने में सहायक होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से जनपद के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह बताया कि नई प्रणाली लागू होने के बाद अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी और अधिक प्रभावी होगी। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
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शाहजहांपुर में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर सख्ती:बायोमेट्रिक के बिना नहीं चलेगी मशीन, DM के फिंगरप्रिंट से अल्ट्रासाउंड
