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निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को आखिरकार राहत मिल गई। हजारीबाग के वनभूमि घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने उन्हें सशर्त जमानत दी है। आज वे जेल से बाहर आ सकते हैं। कोर्ट ने कहा है कि वे बिना इजाजत देश नहीं छोड़ेंगे। जांच में पूरा सहयोग करेंगे और किसी भी गवाह को प्रभावित नहीं करेंगे। इसके साथ ही करीब 425 दिन से जेल में बंद विनय चौबे के बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। विनय चौबे को पहली बार 20 मई 2025 को शराब घोटाले में एसीबी ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनके खिलाफ एक-एक कर तीन केस दर्ज किए गए। हालांकि अन्य तीनों मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। लेकिन वनभूमि घोटाले में बेल न मिलने के कारण वे 20 मई 2025 से जेल में बंद थे। इससे पहले 28 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। किस मामले में कब मिली बेल शराब घोटालाः एसीबी, रांची (कांड संख्या 09/2025): विनय चौबे को 20 मई 2025 को केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। उन पर नई शराब नीति-2022 के जरिए सिंडिकेट को अनुचित लाभ पहुंचाने और सरकारी खजाने को 38 करोड़ रुपए का नुकसान पहुचाने का आरोप है। मामले में उन्हें 19 अगस्त 2025 को डिफॉल्ट बेल मिली थी। खासमहाल जमीन घोटाला, हजारीबागः एसीबी हजारीबाग (कांड संख्या 06/2025)…12 जून 2025 को केस दर्ज किया गया। उन पर हजारीबाग में खासमहाल जमीन के अवैध म्यूटेशन और हस्तांतरण का आरोप है। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गईं। इस मामले में अप्रैल 2026 में जमानत मिली। आय से अधिक संपत्ति का मामलाः एसीबी रांची (कांड संख्या 13/2025) एसीबी ने 24 नवंबर 2025 को केस दर्ज किया। उन पर वैध आय से 53% अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। एसीबी जांच में पता चला कि उन्हें पत्नी, ससुर, साले, सरहज और रीबियों के बैंक खातों का इस्तेमाल क खपाया। इस मामले में 30 म डिफॉल्ट बेल मिली थी। वनभूमि घोटालाः एसीबी हजाराबाग (कांड संख्या 11/2025) एसीबी हजारीबाग ने 25 सितंबर 2025 को चौबे पर केस दर्ज किया। आरोप है कि अपने पद का इस्तेमाल कर वनभूमि, ट्रस्ट और गैर-मजरूआ जमीन की अवैध रजिस्ट्री व जमाबंदी कराई। उनके करीबियों के नाम पर भी जमीन रजिस्ट्री के सबूत मिले। एसीबी ने 14 फरवरी 2026 को 14 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इस अंतिम मामले में 31 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली। जिस मामले में जमानत, उसमें 73 नामजद आरोपी हजारीबाग जिले के जिस चर्चित भूमि घोटाले में आईएएस विनय चौबे को जमानत मिली है, उसमें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज कर जांच की जा रही है। इस प्राथमिकी में विनय चौबे के साथ उनके करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचलाधिकारी शैलेश कुमार और ब्रोकर विजय सिंह समेत कुल 73 लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इधर, इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद विनय चौबे के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है, ऐसे में अब केवल औपचारिक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी रिहाई संभव मानी जा रही है।
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आईएएस विनय चौबे को सशर्त जमानत:करीब 425 दिन बाद आज जेल से आ सकते हैं बाहर, बिना इजाजत देश नहीं छोड़ सकेंगे
